वाराणसी। जिला पंचायत में टेंडर प्रक्रिया में घपले का प्रयास करने वाली तीन फर्मों को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति जिला प्रशासन करेगा। मामले में जिला पंचायत को विधिक कार्रवाई के लिए भी पत्र जारी किया जा रहा है। उधर, अपर मुख्य अधिकारी के अवकाश से लौटने के बाद आगे की कार्यवाही की उम्मीद है।
गुरुवार को जिला पंचायत में समय सीमा समाप्त होने के बाद तीन फर्मों ने फार्म भरने और बॉक्स में डालने का प्रयास किया था। जिला पंचायत सदस्यों और ठेकेदारों के विरोध के बाद 15 टेंडर फार्मों को सील कर दिया गया है। सभी फार्म तीन फर्मों के हैं। इन फर्म की भूमिका की जांच के बाद उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति का पत्र जिला प्रशासन द्वारा जिला पंचायत को जारी किया जा रहा है। इसके अलावा इस मामले में कार्रवाई के लिए विधिक राय ली जा रही है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सोगरवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
नीलकंठ के आश्वासन पर माने जिला पंचायत सदस्य
टेंडर प्रक्रिया में घपला करने वालों पर कार्रवाई की मांग के लिए जिला पंचायत सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के लिए पहुंचा था। इसी दौरान राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। देर शाम राज्यमंत्री ने भाजपा और अपना दल (एस) के जिला पंचायत सदस्यों के साथ बैठक कर पहले हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में भी कार्रवाई का आश्वासन दिया।