वाराणसी। जिला उद्योग बंधु की बैठक में मंगलवार को फिर औद्योगिक आस्थान की साफ-सफाई और टूटी सड़कों का मुद्दा गूंजा। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मंगलवार को राइफल क्लब में बैठक ली। पोर्टल पर अप्रेंटिस शिप के लिए सिंचाई विभाग द्वारा अब तक रजिस्ट्रेशन न कराने पर विभाग का वेतन रोकने का निर्देश। उन्होंने कहा कि जिस अधिष्ठान से अप्रेंटिस कराने में सहयोग नहीं मिल रहा है उन्हें नोटिस दिया जाए। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि जेम पोर्टल के माध्यम से अपने सामानों का क्रय-विक्रय करें। जिन उद्यमियों ने आवंटित भूखंड पर औद्योगिक कार्य नहीं किये जा रहे उनका आवंटन निरस्त करने का निर्देश दिया। उद्यमियों को कर्मचारियों का पोर्टल पर पंजीकृत कराने का निर्देश।
इसमें औद्योगिक क्षेत्र की साफ-सफाई की समस्या बताए जाने पर संबंधित अधिकारियों को इसके लिए फंड उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया गया। डीएम ने निर्देश दिया कि जो उद्यमी को-ऑपरेटिव सोसायटी के सदस्य नहीं हैं उन्हें भी सदस्य बनाया जाए तथा सभी उद्यमियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। जिला पंचायत की ओर से औद्योगिक क्षेत्र की टैक्स वसूली का 20 प्रतिशत औद्योगिक क्षेत्र के को-आपरेटिव सोसायटी को सफाई व्यवस्था आदि के लिए हस्तांतरित करने का भी निर्देश दिया। वहीं चांदपुर चौराहे पर बसों के बेतरतीब खड़े होने से जाम लगने की जानकारी उद्यमियों ने उठाई तो जीएम डीआईसी को यातायात विभाग को पत्र लिखने के लिए कहा। डीएम ने उद्यमियों से कहा की जिला पंचायत पर निर्भरता कम करते हुए अपने कोऑपरेटिव फंड को बढ़ाने की व्यवस्था करें। फॉगिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उद्योग विभाग को किरासन तेल उपलब्ध कराने के लिए कहा। इसमें राजेश कुमार सिंह, राजेश भाटिया, नीरज पारिख, कुमार कार्तिकेय, दिनेश गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल ने भाग लिया।