मानवाधिकार दिवस को पर्व के रूप में मनाना चाहिए
हेलमा रिचा सेंटर फार ह्यूमन डिग्निटी का उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। मानवाधिकार दिवस को पर्व के रूप में मनाना चाहिए। सरकार को इसे एक विषय के रूप में सभी कक्षाओं में अनिवार्य रूप से लागू करना चाहिए। यह बातें रविवार को बघवानाला स्थित मानवाधिकार जन निगरानी समिति और जनमित्र न्यास की ओर से नवनिर्मित हेलमा रिचा सेंटर फार ह्यूमन डिग्निटी केंद्र के उद्घाटन अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि स्टेट कमिश्नर हिन्दुस्तान स्काउट एंड गाईड्स के डॉ. योगेश दूबे ने कहा।
समिति के सीईओ डॉ. लेनिन रघुवंशी ने कहा कि हेलमा रिचा इन्डो-जर्मन सोसायटी के रेमसाइड जर्मनी चैप्टर की अध्यक्ष हैं । इसी सोेसाइटी के सहयोग से केंद्र स्थापित हुआ है। हाशिए पर खड़े लोगों की मानवीय गरिमा को संरक्षित करने के उद्देश्य से समर्पित होगा। डॉ. लेनिन ने कहा कि यह केंद्र शिक्षा, सामाजिकता का केंद्र होगा। जर्मनी के सांसद स्वेन वोल्फ ने इस केंद्र के उद्घाटन पर अपने संदेश में केंद्र की बेहतरी के लिए शुभकामनाएं दी हैं। वहीं हेलमा रिचा ने कहा कि यह क्षण उनके लिए अत्यंत भावुक है। उनके बेटे एक्सेल रिचा ने कहा कि मेरी मां मानवीय मूल्यों के गहराई के साथ आस्था रखने वाले के रूप में जिंदा उदाहरण हैं। इस मौके पर बल्लभाचार्य पांडेय, डॉ. मो. आरिफ, संध्या झा, डा महेंद्र प्रताप, लाल बहादुर राम, प्रो साइना रिजवी मौजूद रहे।