फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 1 करोड़ की 1.01 किलो दवाएं जब्त

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी/गाजीपुर। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स की गाजीपुर इकाई ने शनिवार की देर शाम वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के सीरगोवर्धन स्थित खुशी जनरल स्टोर से नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 1.01 किलोग्राम प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं। दवाओं की कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई जा रही। मामले में दुकानदार रामबाबू को गिरफ्तार किया गया है। नारकोटिक्स टीम के मुताबिक, बीएचयू के कुछ छात्र-छात्राएं भी जनरल स्टोर से प्रतिबंधित दवा खरीदते थे।
विज्ञापन

नारकोटिक्स को सूचना मिली थी कि लंका थाना क्षेत्र के सीरगोवर्धन स्थित एक जनरल स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित दवा ब्यूप्रेनोर्फिन बेची जा रही है। इसका इस्तेमाल बीएचयू के छात्र-छात्राओं के साथ ही आसपास के नशेबाज करते हैं। एक इंजेक्शन करीब 300 रुपये में बेचा जाता था। इसके बाद नारकोटिक्स आयुक्त दिनेश बौद्ध, उपायुक्त प्रवीण कुमार बाली और सहायक आयुक्त अनिल कुमार विश्वकर्मा ने मामले की जांच शुरू करा दी।
नारकोटिक्स की टीम ने 15 दिन तक दुकान के इर्द-गिर्द जांच की और ग्राहक बनकर प्रतिबंधित दवा की खरीदारी भी की। इसके बाद अधीक्षक केके श्रीवास्तव की अगुवाई में शनिवार की देर शाम सीरगोवर्धन गेट के सामने खुशी जनरल स्टोर पर छापा मारा गया। छानबीन में नशे में इस्तेमाल की जाने वाली दवा की बड़ी खेप बरामद हुई। साथ ही आरोपी दुकानदार राम बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन

22 रुपये का इंजेक्शन, 300 में बेचता था दुकानदार :नारकोटिक्स टीम की पूछताछ में आरोपी दुकानदार ने बताया कि सप्तसागर दवा मंडी से 22 रुपये में एक इंजेक्शन खरीद कर लाता था और उसे 300 रुपये में बेचता था। बीएचयू के साथ ही आसपास के छात्रावास में रहने वाले छात्र और नशेबाज इंजेक्शन खरीदते थे। यह दवा तेज दर्द में तुरंत राहत का काम करती है। प्रतिबंधित दवा की बिक्री करने वाले सप्तसागर मंडी के कुछ दवा कारोबारियों के नाम भी रामबाबू ने बताए हैं। जल्द ही दवा कारोबारियों से पूछताछ की जा सकती है। नारकोटिक्स की टीम ने गोपनीय तौर पर जांच भी शुरू कर दी है। ब्यूरो/संवाद
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें