पूजा स्थल पर यज्ञ रक्षा के लिए आठ दिशाओं में नौ-नौ फीट के भैरव स्थापित किए जाएंगे। मंच पर 11 फीट के भैरव भैरवी को गोद में लेकर और बटुक भैरव की प्रतिमा विराजमान होगी। 16 नवंबर को पूजन के बाद इस प्रतिमा को काशी में ही विसर्जित कर दिया जाएगा और एक लाख आठ हजार भैरव तमिलनाडु के कृष्णगिरी मठ में स्थापित होंगी।
अनुष्ठान में नौ कुंड में चिदंबरम नटराज मंदिर के 30 ब्राह्मण हवन करेंगे। इस दौरान 20 देशों और 25 राज्यों से दो हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे।