हालांकि नई उड़ानों की शुरुआत ऐसे समय हो रही है, जब विमान ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत के कारण पिछले कुछ महीनों में वाराणसी एयरपोर्ट की हवाई सेवाओं पर खासा असर पड़ा है। वर्ष की शुरुआत में जहां एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 84 उड़ानों का संचालन होता था और रोजाना 15 से 16 हजार यात्रियों का आवागमन दर्ज किया जाता था, वहीं वर्तमान में यह संख्या घटकर प्रतिदिन 44 से 45 उड़ानों और 8 से 9 हजार यात्रियों तक सिमट गई है।
हालांकि इसका एक और कारण एयरपोर्ट विस्तारीकरण में रनवे एक्सटेंशन का कार्य जिसके कारण रात्रि में विमानों के संचालन बंद होने के कारण भी है उधर बढ़ती परिचालन लागत के चलते स्पाइसजेट ने वाराणसी से अपनी सभी सेवाएं बंद कर दी हैं।
एयरलाइन पहले अहमदाबाद, दिल्ली, मुंबई और पुणे के लिए उड़ानें संचालित करती थी। जून से सेवाएं बंद होने के बाद ग्राउंड हैंडलिंग से जुड़े 100 से अधिक कर्मचारियों के पास पिछले दो महीनों से नियमित कार्य नहीं है।
एयरपोर्ट अधिकारियों और एयरलाइन कंपनियों को उम्मीद है कि नई उड़ानों के शुरू होने से यात्रियों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होगी और वाराणसी की देश के प्रमुख शहरों से हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।