जिला प्रशासन के आदेश पर रामनगर पुलिस ने भीटी स्थित अहाते में रखा। गौ ज्ञान फाउंडेशन ने सभी ऊंटों को राजस्थान के सिरोही भिजवाने का मुद्दा उठाया तो मामला कोर्ट में चला गया और पांच से छह माह इसी में बीत गए।
इसी बीच खान-पान में कमी और पालन पोषण के अभाव में एक-एक कर छह ने दम तोड़ दिया। बचे हुए ऊंटों की अंतरिम अभिरक्षा गौ ज्ञान फाउंडेशन को सौंपने का आदेश पिछले एक दिसंबर को एसीजेएम प्रथम नीतेश कुमार सिन्हा की कोर्ट ने रामनगर पुलिस को दिया।
रामनगर के अहाते में रखे गए थे ऊंट
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान रवाना करते समय मात्र 10 ऊंट ही बचे मिले। पुलिस ने जब फाउंडेशन को इन 10 ऊंटों को सौंपा तो फाउंडेशन के अधिवक्ता सौरभ दीक्षित और शशांक शेखर तिवारी ने एतराज जताया। अधिवक्ताओं ने रामनगर पुलिस से मृत ऊंटों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगा। इस दौरान पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में जिला प्रशासन का सहयोग नहीं कर रहा है।