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पांच साल में की चार फर्जी शादियां, फोन करके फंसाता था युवतियां

Sat, 31 Aug 2013 03:15 AM IST
मुरादाबाद/ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश में कन्नौज के मानीमऊ से झोलाछाप डॉक्टर को अवैध तरीके से उठाकर मुरादाबाद लाने वाली पुलिस टीम के दारोगा को निलंबित कर दिया गया। उस पर डॉक्टर को प्रताड़ित करने के आरोप हैं।
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इसके बाद डॉक्टर ने सिविल लाइंस थाने में तेजाब पीकर जान देने की कोशिश की। मामले की जांच में कुछ और पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरने की संभावना है। मामला शासन तक भी पहुंच गया है।

मानीमऊ में मियांगंज गांव के एक झोलाछाप डॉक्टर के घर में आजमगढ़ की पॉलीटेक्निक छात्रा पिछले तीन महीने से रह रही थी। युवती मुरादाबाद में तैनात एक जिम्मेदार पुलिस अफसर की भतीजी है।
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पुलिस अफसर की भतीजी के प्यार में शादीशुदा को थर्ड डिग्री

डॉक्टर का कहना है कि उसने युवती से कोर्ट मैरिज कर ली है जबकि युवती ने शादी करने से इनकार किया है। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था, जिसके बाद युवती अपने घर से लाखों के जेवर और नकदी लेकर कन्नौज चली आई थी।

परिजनों के कहने पर अफसर ने मुरादाबाद से पुलिस टीम भेजकर आरोपी को मंगलवार उठवा लिया। डॉक्टर का आरोप है कि मुरादाबाद लाकर उसे बुरी तरह पीटा गया, एनकाउंटर करने की योजना थी। इसी दहशत में आकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।

बृहस्पतिवार रात मामले की जानकारी होने के बाद जांच शुरू हुई। इसके बाद शुक्रवार सुबह एसएसपी ने सर्विलांस सेल के प्रभारी और छापा मारने गई टीम के आरोपी दारोगा रवींद्र सिंह को निलंबित कर दिया। उच्चाधिकारियों ने जांच के बाद सख्त कार्रवाई की बात भी कही।

मुरादाबाद से निकाली गई युवती की लोकेशन
ढाई माह पूर्व युवती के घर से लापता होने के बाद परिजनों ने उसे हर जगह तलाश किया। पता नहीं लगा तो उन्होंने मुरादाबाद में तैनात पुलिस अफसर भाई की मदद ली।

शहर से ही सर्विलांस टीम ने युवती की कॉल डिटेल के आधार पर उसका पता लगाया। तब तैयारी के साथ मंगलवार को कन्नौज के मानीमऊ में दबिश दी गई। युवती को डॉक्टर के घर से बरामद किया।

पांच साल में चार फर्जी शादियां
पांच साल में डाक्टर ने चार फर्जी शादियां की थीं। एक साल पहले मैनपुरी की एक युवती को भी झांसा देकर ले आया था। तीन-चार महीने रहने के बाद युवती खुद ही उसे छोड़कर चली गई थी।

डाक्टर की इन्हीं हरकतों के कारण परिवार से उसका मनमुटाव चल रहा था और कन्नौज से आरोपी के पकड़े जाने के बाद उन्होंने कोई हालचाल जानने की कोशिश नहीं की।

पुलिस सूत्रों की मानें तो मियांगंज में युवती को ढाई माह रखने के बाद डॉक्टर उसे दिल्ली ले जाने की तैयारी कर रहा था। आजमगढ़ से युवती करीब 10 लाख रुपये कीमत के जेवर और नगदी लेकर आई थी।

डाक्टर ने उसे क्लीनिक के तहखाने में रखा था। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी युवती के वहां होने की बात से मुकर गया। लेकिन तलाशी में तहखाने से युवती बरामद हो गई। हालांकि जेवर और नगदी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस दोनों को लेकर चली आई।

इससे पहले डॉक्टर के कई युवतियों से संबंध रहे। पत्नी संजीदा बेगम और पांचों बच्चे उसकी खिलाफत करते थे। पिता की हालत का पता होने के बाद भी पत्नी, बच्चे या भाई उसे देखने मुरादाबाद नहीं आए। फोन करके पुलिस ने उसके साले और ससुर को बुलाया। लेकिन उन्होंने भी कुछ बताने से इंकार कर दिया।

फोन करके फंसाता था युवतियों को
फोन करके डाक्टर युवतियों को अपने जाल में फंसाता था। रांग नंबर मिलाया करता था। किसी से बातचीत का सिलसिला बढ़ता तो वह तपाक से शादी का प्रस्ताव रख देता था। खुद को नामी डाक्टर बताता था। जबकि गांव में उसका दांतों का क्लीनिक है। गांव की कुछ युवतियों को वह झांसा दे चुका था।
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