पांच अक्तूबर, 2010 को दिल्ली के बुराड़ी इलाके में स्थित अपने घर से रहस्यमय हालात में गायब सेंट जेवियर स्कूल की 10 वीं कक्षा की छात्रा बरेली के नारी निकेतन (राजकीय महिला शरणालय एवं प्रवेशालय) में मिली है। छात्रा को मानसिक तौर पर अस्वस्थ बताया जा रहा है।
गायब होने से पहले छात्रा कुश्ती की राष्ट्रीय स्तरीय खिलाड़ी थी। लेकिन यहां जिस हाल में मिली है, उससे आशंका है कि किसी परिचित ने इसे भरोसे में लेकर घर से भगाया, इसके साथ दुराचार किया और नशीला पदार्थ खिलाकर इसे यहां विक्षिप्त हाल में छोड़ दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट आरपी सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को पुलिस की देखरेख में छात्रा को उसकी मां के साथ दिल्ली ले जाने की अनुमति दी। साथ ही हफ्ते भर में दिल्ली पुलिस को छात्रा के घर पहुंचने और पूरे प्रकरण के बारे में आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार छात्रा के पिता का स्वर्गवास हो चुका है और मां योग शिक्षक हैं। इसकी एक बड़ी बहन भी है। छात्रा के गुम होने पर मां ने बुराडी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले की जांच दिल्ली के सेक्टर 16 रोहिणी स्थित क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर रोहित कर रहे थे। हाल में उन्हें बरेली के निकेतन में इसी नाम की एक युवती के होने की जानकारी मिली।
इसे अक्तूबर, 2010 में इज्जतनगर थाना क्षेत्र के कर्मचारी नगर में विक्षिप्त दशा में पुलिस ने पाया था। कोर्ट में पेश करने पर वह अपना और अपने पिता का नाम बता पाई थी। घर के पते के तौर पर उसने सिर्फ दिल्ली का उल्लेख किया था। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने इसे निकेतन में रखने का आदेश दिया था।
दिल्ली क्राइम ब्रांच के एसआई रोहित कुमार, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह और कांस्टेबल अनीता छात्रा की मां को लेकर बरेली आए थे। निकेतन में मंदित युवतियों को सामने लाए जाने पर छात्रा ने मां को पहचान लिया और उनसे लिपट गई।
कोर्ट में छात्रा की मां ने कहा कि वह अपनी बच्ची का इलाज कराएंगी, ताकि वह स्वस्थ होकर आपबीती बताए। मां का कहना है कि वह दोषियों को सजा दिलाकर रहेंगी। छात्रा को तलाश निकालने वाली दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब पूरे मामले की जांच करेगी।