यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भले ही अपनी मीटिंग में पुलिस को 15 दिन के अन्दर अनुशासन और क्राइम कन्ट्रोल की बात सिखाई हो, लेकिन उसके बाद प्रदेश के कई जगहों पर हुई शर्मनाक घटनाएं तो कुछ और ही बयां करती है।
खाकी की आड़ में यूपी पुलिस ने क्रूरता की एक और नई तस्वीर ने पेश की है। मुजफ्फरनगर में पांच युवकों को स्कूटर चोरी के आरोप में उसके घर से देर रात गिरफ्तार किया जाता है।
उसके बाद युवकों को जेल में बंद कर दिया और थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करते हुए पूरी रात डंडे से पिटाई की जाती है।
यूपी पुलिस की बेरहमी यहीं पर खत्म नहीं होती बल्कि पुलिस इनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार करते हुए युवकों के गुप्तांगों पर बिजली का करंट देती है।
रात भर टॉर्चर करने के बाद अगले दिन उन्हें गंभीर हालत में छोड़ दिया जाता है।
पुलिस की क्रूरता के शिकार संदीप सैनी, बिट्टू सैनी, संजू सैनी, रितेश और सचिन सैनी के शरीर को देखकर लोगों के रौंगटे खड़े हो गए। घायल संदीप के मुताबिक पुलिस वाले शराब के नशे में थे।
पुलिस की बर्बरता सहने वाले युवकों ने न्याय की मांग करते हुए गांव वालों के साथ एसएसपी मुजफ्फरनग़र के आवास पहुंचे।
हंगामे के बाद एसएसपी ने आरोपी एसओ को सस्पेंड कर दिया। देर रात पांचों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर एसओ और उसके निजी फॉलोअर समेत तीन पुलिसकर्मियों को हिरासत में ले लिया गया।