थाने से लौटे युवक की मौत पर उबले ग्रामीणों ने सोमवार को हंसराजपुर बाजार में जमकर बवाल किया।
नसीरपुर-नवापुरा चौराहा दो घंटे तक जाम करने के बाद भी कोई पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचा तो लोगों ने हंसराजपुर पुलिस चौकी में घुसकर तोड़फोड़, आगजनी की।
मामला संभालने पहुंचे दुल्लहपुर एसओ की जीप को भी आग के हवाले कर दिया। ग्रामीणों के पथराव से चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
बाद में डीएम चंद्रपाल सिंह और एसपी उमेशचंद श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति काबू की। एसपी ने जंगीपुर एसओ आशीष मिश्रा को निलंबित कर थाने का प्रभार सुहवल थानाध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा को सौंप दिया है।
डीआईजी ए. सतीश गणेश ने भी मौके का जायजा लिया। मामला उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जनपद का है।
क्षेत्र का एक युवक और युवती 24 अप्रैल को घर से भाग गए। इस मामले में नसीरपुर गांव के घनश्याम कुमार राम (18) पुत्र जनार्दन राम के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई थी।
आरोप था कि घनश्याम उस लड़के का दोस्त है जो युवती को लेकर भागा है। 25 अप्रैल को जंगीपुर पुलिस घनश्याम को थाने ले गई। उसे देर रात परिजनों को यह कहते हुए सौंपा कि अगले दिन फिर थाने लाना।
सोमवार की सुबह अचानक घनश्याम को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। परिजन उसे पीएचसी ले गए जहां के चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
घनश्याम के पिता का आरोप है कि बेटे की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है।
इस पर ग्रामीणों ने एसओ को निलंबित करने और मुआवजे की मांग को लेकर हंसराजपुर बाजार में शव रखकर सुबह आठ बजे चक्काजाम कर दिया।
दो घंटे बाद भी मौके पर जब कोई पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचा तो लोगों का सब्र टूट गया। जामस्थल से उठे कुछ युवक पुलिस चौकी पहुंचे और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
वहां रखे केरोसिन से पुलिसकर्मी राणाप्रताप की बुलेट फूंक दी। चार अन्य बाइक क्षतिग्रस्त कर दी। हालात पर काबू करने पुलिसकर्मियों के साथ दुल्लहपुर थानाध्यक्ष रामसिंह पहुंचे तो लोग उनकी बोलरो को घेरकर पथराव करने लगे। पुलिस वाले भागे तो ग्रामीणों ने जीप फूंक दी।