भारत-पकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है। देश के कई जवान शहीद हो गए हैं। मथुरा निवासी रणबांकुरे हेमराज की शहादत को लेकर भी चौतरफा चर्चा हो रही है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के खेलकूद और युवा कल्याण मामलों के राज्यमंत्री रामकरन आर्य को नहीं पता कि हेमराज कहां के निवासी हैं और उनका पार्थिव शव आया या नहीं।
जिले के प्रभारी मंत्री आर्य कन्या विद्या धन बांटने आए थे। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने बेतुका बयान देकर चौंका दिया। उनसे सवाल किया गया था कि शहीद हेमराज के घर सपा सरकार का प्रतिनिधि क्यों नहीं गया। शहीद के परिजन तीन दिन तक धरने पर बैठे रहे तब भी सरकार का रवैया निराशाजनक रहा।
मंत्री से सरकार का पक्ष जानने पर उन्होंने चौंकते हुए पूछा कि शहीद कौन से जनपद का था? बाद में जब उन्हें इसकी जानकारी दी गई तो उन्होंने फिर पूछा कि क्या लाश आ गई? मंत्री ने यह भी कह डाला कि धरना और भूख हड़ताल करना ओछी हरकत है।
हालांकि बाद में उन्होंने यह कह कर अपने बयान को संतुलित करने की कोशिश की कि हेमराज तो देश के लिए शहीद हुए हैं। उनकी पार्टी उनके हक के लिए हर संभव प्रयास करेगी। मंत्री के इस बयान को भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमस्वरूप पाठक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने शर्मनाक बताया है।