मिर्जापुर में डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल के छात्र अपनी कक्षा में बैठे हुए
- फोटो : Amar Ujala/ Amit Sharma
स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों की आयु अभी 18 वर्ष की नहीं हुई है और वे इस विधानसभा चुनाव में मतदाता भी नहीं हैं, लेकिन इसके बाद भी राजनीति की घटनाओं पर उनकी नजर बनी हुई है। नेताओं के बयानों, वाद-विवाद और उनकी कार्यशैली देख वे न केवल उस पर अपनी सतर्क प्रतिक्रिया दे रहे हैं, बल्कि भविष्य की राजनीति के सुनहरे सपने भी गढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी तेज-तर्रार भाषा और तीव्र कार्यशैली के कारण बच्चों में बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं।
लोगों के बीच राजनेताओं की नकारात्मक छवि
विंध्याचल धाम से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल के नवीं कक्षा के छात्र अर्शप्रीत सिंह ने अमर उजाला को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेताओं में उनकी पहली पसंद हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि वे बेहद बेबाकी से अपनी बात रखते हैं, कानून-व्यवस्था को मजबूत रखते हैं और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक योजनाओं की घोषणा होती थी, लेकिन उन पर अमल नहीं हो पाता था, जिससे लोगों के बीच राजनेताओं की नकारात्मक छवि बन रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस छवि को बदलने का काम किया है।
फयाज अंसारी कहते हैं कि यदि उन्हें जिलाधिकारी या कोई राजनेता बनने का अवसर मिलता है तो वे प्रशासन से उन लोगों को हटाने का काम करेंगे जो स्वयं कार्य नहीं करते और दूसरों के काम में बाधा बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहेंगे कि सभी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें और अपने देश के निर्माण के लिए एक साफ़-स्वच्छ सरकार का चयन करें।
देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा होते हुए भी चुनावों में सीधे तौर पर बच्चों की कोई सक्रिय भागीदारी नहीं होती। लेकिन छात्र चाहते हैं कि उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने वाली सरकार को ही सत्ता में आने का अधिकार होना चाहिए। बच्चों की बड़ी आबादी को आज भी शिक्षा-खेलकूद और भोजन का अधिकार नहीं मिल पाता। बच्चों की राय है कि सत्ता में उसी सरकार को रहने का अधिकार है जो उनकी इस मूलभूत समस्याओं को दूर करने का कार्य करे।
बढ़ती आबादी देश की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके कारण सरकार के किसी भी विकास का कोई असर नहीं हो पाता। छात्रों ने बताया कि सरकार को आबादी नियंत्रण पर कठोर कदम उठाना चाहिए, जिससे सभी को भोजन-आवास-वस्त्र और रोजगार का अधिकार देना संभव बनाया जा सके।
महिलाओं के राजनीति में प्रवेश पर ये बोले छात्र
राजनीति में महिलाओं की भूमिका पर भी छात्रों की गहरी नजर है। छात्रों की राय है कि आज महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा कर यह साबित कर दिया है कि वे किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़कर देश का नाम रोशन कर सकती हैं, उन्हें लगता है कि राजनीति में भी महिलाओं को ज्यादा भूमिका देने के उपाय किये जाने चाहिए, जिससे देश की आधी आबादी राष्ट्र निर्माण में अपनी उचित भूमिका निभा सके। छात्रों ने कहा कि महिलाओं के विवाह की उम्र भी 21 वर्ष करने से उन्हें ज्यादा पढ़ाई करने और रोजगार हासिल करने का अवसर मिलेगा जिससे आने वाले समय में हमारा राष्ट्र-समाज ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा।