अब मिर्गी, ब्रेन ट्यूमर और लांग टाइम हाइपरटेंशन रोगियों के वाहन चलाने पर रोक लगाने की तैयारी है।
इस कड़ी में इनके ड्राइविंग लाइसेंस लेने पर रोक लगा दी गई है।
शुरूआत में यह निर्णय स्मार्ट डीएल पर प्रभावी होगा। आवेदकों को अपना हेल्थ सर्टिफिकेट देना होगा। इसके लिए सारथी योजना के सॉफ्टवेयर में संशोधन किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने सड़क हादसों में 70 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सड़क हादसे के लिए जिम्मेदार कारणों को दूर करने की तैयारी की जा रही है।
विभाग का मानना है कि कई मानसिक रोगी और बीमार चालक हादसों का कारण बनते हैं। कई चालक ड्राइविंग में सनकी जैसा व्यवहार करते हैं। ऐसे में कई बड़े हादसे होते हैं।
इनको रोकने के लिए परिवहन विभाग ने ऐसे व्यक्तियों के डीएल बनाने पर रोक लगा दी है। इसकी शुरूआत स्मार्ट डीएल के सारथी साफ्टवेयर में संशोधन करके की जा रही है।
जुलाई-अगस्त तक सारथी योजना का नया सॉफ्टवेयर कार्य करने लगेगा। इसमें आवेदक को अपना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र हर हाल में दाखिल करना होगा।
आवेदक की एपिलेप्सी, आर्थराइटिस, ब्रेन ट्यूमर, हाइपरटेंशन और ऐसे हृदय-मानसिक रोगों जिनमें दौरा पड़ सकता हो का परीक्षण किया जाएगा।
आरटीओ वीके सिंह ने बताया कि हेल्थ सर्टिफिकेट का नियम लागू है, लेकिन इसका पालन नहीं हो पाता था। सारथी साफ्टवेयर में संशोधन के बाद यह सख्ती से लागू हो सकेगा। इससे सड़क हादसों में कमी आएगी।