ड्यूटी के तनाव और झगड़े ने बुधवार को पीएसीकर्मियों को बेलगाम कर दिया।
गोमती नगर में सीएम अखिलेश यादव के कार्यक्रम के लिए सुरक्षा में तैनात दो पीएसीकर्मियों में जमकर लाठियां चलीं। अफसरों की मौजूदगी में दोनों ने एक दूसरे को लहूलुहान कर डाला।
किसी तरह उन्हें काबू में लेकर अस्पताल भेजा गया। दोनों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच और मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश हुआ है।
गोमतीनगर के विभूति खंड स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को उद्यमी महासम्मेलन था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे।
पीएसी की बाराबंकी स्थित दसवीं बटालियन में तैनात हेड कांस्टेबल मुकुंद यादव और कांस्टेबल सुनील कुमार दीक्षित भी ड्यूटी पर थे।
दोपहर करीब 1.45 बजे जैसे ही मुख्यमंत्री कार्यक्रम से निकलकर गए वैसे ही गेट के पास खड़े मुकुंद और सुनील ने एक दूसरे पर लाठियां बरसाना शुरू कर दी। अधिकारी उन्हें रोकने के बजाए दर्शक बने रहे।
करीब पांच मिनट तक दोनों के बीच जमकर लाठियां चलीं। उनके सिर फट गए। कंपनी कमांडर केशवनाथ ने दोनों को किसी तरह अलग किया। दोनों को राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
सुनील का सिर फटने के साथ ही हाथ व पैर में गंभीर चोटें आई थीं। उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। सीएम के कार्यक्रम में हुई इस घोर अनुशासनहीनता को देख अधिकारियों ने तत्काल ही मुकुंद और सुनील को निलंबित कर दिया।
डीआईजी लखनऊ/सीएम सिक्योरिटी नवनीत सिकेरा ने मुकुंद और सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश भी किया है।मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान इस तरह का कृत्य घोर अनुशासनहीनता है। जिसने गलती की है, उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। दोनों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने को भी कहा गया है।
मारपीट से पहले भी हुआ था विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक दूसरे पर लाठियां भांजने से कुछ देर पहले मुकुंद व सुनील के बीच विवाद हुआ था। उस दौरान कंपनी कमांडर केशवनाथ ने उन्हें समझाबुझाकर शांत करा दिया था। सीएम के जाते ही दोनों फिर भिड़ गए।
जिस दौरान उनमें मारपीट हुई उस समय एसओ विभूतिखंड उमेश बहादुर सिंह, कंपनी कमांडर केशव नाथ व अन्य लोग मौजूद थे। इनके अलावा झगड़े के दौरान दो सिपाही सर्वेश सिंह व बृजेश गिरि भी वहां मौजूद थे।
इन दोनों के ही बयान लिये जाएंगे। डीआईजी नवनीत सिकेरा ने पीएसी कमांडेंट को दोनों के खिलाफ विभागीय जांच कराने के लिए कहा है।
एसएसपी लखनऊ जे रविंदर गौड़ ने बताया कि हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल के खिलाफ दसवीं बटालियन पीएसी बाराबंकी के कमांडेंट को रिपोर्ट भेज दी गई है। उनके खिलाफ निलंबन की संस्तुति की है।
आरोप-प्रत्यारोप
हेड कांस्टेबल मुकुंद यादव- कांस्टेबल सुनील कुमार दीक्षित अपने तय ड्यूटी प्वाइंट पर नहीं था। जब उससे इस संबंध में पूछताछ की तो वह झगड़ा व मारपीट पर उतारू हो गया।
कांस्टेबल सुनील कुमार दीक्षित- सुबह आठ बजे से ड्यूटी पर था। मुझे काफी तेज प्यास लगी थी। पानी पीने गया था। वहां से लौटा तो हेड कांस्टेबल मुकुंद यादव अभद्रता व गालीगलौज करने लगे और लाठी से हमला कर दिया।