खन्ना ने कहा कि सरकार की अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति के अनुरूप उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बनाए जाने एवं आपराधिक/असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण करने के उद्देश्य से कार्ययोजना बनाकर अपराधियों के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई की जा रही है जिसके परिणामरूप अपराध एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ है।
साल 2022 में वर्ष 2016 के सापेक्ष आलोच्य अवधि में डकैती में 80.31 फीसदी, लूट में 61.51 फीसदी, हत्या में 32.45 प्रतिशत, गृहभेदन में 5.59 प्रतिशत, बलवा में 51.65 फीसदी, चोरी में 17.22 प्रतिशत, अपहरण में 43.18 प्रतिशत की कमी आई है। अपराधों पर अंकुश लगाए जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उक्त अवधि में महिलाओं के खिलाफ घटित अपराधों में दहेज मृत्यु में 15.81 प्रतिशत, दुष्कर्म में 21.75 प्रतिशत और अपहरण में 9.17 प्रतिशत की कमी आई है महिलाओं के खिलाफ घटित होने वाले अपराधों पर पुलिस द्वारा नियंत्रण हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में एण्टी भू-माफिया पोर्टल पर अवैध कब्जे से संबंधित 3,41,236 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जिसमें से 3,39,552 शिकायतें निस्तारित की गई।
अभियान के तहत 70 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल अवैध अतिक्रमण से अवमुक्त कराया गया है। 23,920 राजस्व वाद, 923 सिविल वाद एवं 4504 एफआईआर दर्ज करायी गई है।
प्रदेश के सभी थानों में (1531) साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। परिक्षेत्रीय मुख्यालयों पर बेसिक साइबर फोरेसिक लैब एवं पुलिस मुख्यालय पर एडवांस्ड डिजिटल साइबर फारेंसिक लैब की स्थापना कराई जा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि कर्तव्य पालन के दौरान शहीद / मृत पुलिस कर्मियों एवं उत्तर प्रदेश राज्य के मूल निवासी केन्द्रीय अर्द्ध सैन्य बलों / अन्य प्रदेशों के अर्द्ध सैन्य बलों अथवा भारतीय सेना में कार्यरत रहते हुए 73 शहीद/ मृत कर्मियों के आश्रितों को 17 करोड़ 96 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए वित्तीय वर्ष 2023 2024 में 1000 करोड़ रूपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है।
नवसृजित पुलिस कमिश्नरेट के कार्यालय और अनावासीय भवनों आदि की व्यवस्था के लिए 850 करोड़ रुपये व्यवस्था प्रस्तावित है।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को आवासीय सुविधा (शहरी क्षेत्र) उपलब्ध कराए जाने के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। एसडीआरएफ के सुदृढ़ीकरण के लिए नए वाहनों के क्रय के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।