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UP Election 2022 : मथुरा के लोगों ने अपनी सबसे बड़ी समस्याओं के बारे में बताया, कहा- हर बार वादे होते हैं, लेकिन...

Sun, 28 Nov 2021 09:55 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मथुरा पहुंच चुका है। कान्हा की नगरी मथुरा में पांच विधानसभा सीटें हैं। 2017 विधानसभा चुनाव में यहां की चार सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और एक पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी।
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मथुरा में चाय पर चुनावी चर्चा करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में बंदरों के आतंक से हर कोई परेशान है। इसके अलावा यमुना नदी की गंदगी और शहर से दूर बनाई गई पार्किंग को लेकर आम लोगों ने सवाल खड़े किए। हालांकि ज्यादातर लोगों ने ये भी कहा कि वह सरकार के कामकाज से खुश हैं। 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मथुरा पहुंचा तो यहां के लोगों ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर बात की। पढ़िए किसने क्या कहा? 
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किन समस्याओं से परेशान हैं लोग? 

मथुरा में चुनावी मुद्दों पर बात करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता श्रीभगवान शर्मा ने कहा कि यहां तीन बड़े मुद्दे हैं। सबसे ज्यादा लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं। यमुना का गंदा पानी भी बड़ी समस्या है। पूरे नगर की गंदगी यमुना जी में जाती है। यहां जाम की समस्या है। एक चारपहिया वाहन भी आ जाए तो पूरे शहर में जाम लग जाता है। इन समस्याओं से निजात मिलना चाहिए। हालांकि, श्रीभगवान शर्मा ने ये भी कहा कि वह वर्तमान सरकार से खुश हैं। सरकार ने कई विकास कार्य किए हैं। 



योगाचार्य कृष्णनंदन अग्रवाल ने बताया कि वृंदावन में मौजूदा सरकार ने बहुत अच्छे काम किए हैं। यहां का पर्यटन बढ़ा है। गरीबों को रोजगार मिला है। हालांकि, गंदगी और बंदरों की समस्या हल होना चाहिए। 

प्रो. केएन अग्रवाल ने बताया कि पहले यमुना का पानी इतना साफ था कि अगर सिक्का गिर जाए तो भी वो दिख जाता था। आज बहुत गंदगी हो गई है। नेता वादा करते हैं कि यमुना साफ कर देंगे लेकिन साफ नहीं कर पाते हैं। प्रो. अग्रवाल के मुताबिक, योगी सरकार का ओवरऑल परफॉरमेंस अच्छा है। बृज मोहन ने भी यमुना और बस्ती की साफ-सफाई का मुद्दा उठाया। 

चाय बनाने वाले राजकुमार ने कहा कि यहां बढ़िया विकास कार्य हो रहा है। सुरेश शर्मा ने कहा कि यहां बहुत अच्छा काम चल रहा है। विकास कार्य हुए हैं। हालांकि, पार्किंग शहर से दूर है। ये यहां के स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या है। 

जितेंद्र भारतीय ने कहा कि अगर पुलिस और प्रशासन मिलकर काम करे तो ट्रैफिक कोई बड़ी समस्या नहीं है। ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर जब पर्यटकों को बाहर रोक दिया जाता है तो वो परेशान होते हैं। उनके मन में खराब विचार आते हैं। प्रशासन अगर चाहे तो शहर में नगर पालिका अपने यहां पार्किंग बना सकते हैं।   

शत्रुघन शर्मा ने कहा कि भाजपा वाले हमेशा कहते हैं कि अगर यमुना साफ नहीं कर पाए तो राजनीति छोड़ देंगे। आज तक कुछ नहीं हुआ। महंगाई बहुत है। लोग परेशान हैं। विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि हमें अपना स्वार्थ छोड़कर देशहित के लिए सोचना पड़ेगा। पहले हम लोगों को हिनभावना से देखा जाता था। आज हमारा सम्मान है। 
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मंत्री से नाराज दिखे लोग

मथुरा में चाय पर चुनावी चर्चा करते आम लोग। - फोटो : अमर उजाला
व्यापारी प्रहलाद दास ने कहा कि मौजूदा सरकार में भाजपा कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं है। मैं भाजपा का समर्थक हूं। मेरा शो रूम जल गया था। अब फायर ब्रिगेड वाले अपनी रिपोर्ट देने के लिए डेढ़ लाख रुपए मांग रहे हैं। मेरे पास एक रूपया भी नहीं है। मैंने इस मुद्दे को मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने उठाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 

महेश चंद्र शर्मा ने पार्किंग का मुद्दा उठाया। कहा कि यात्रियों को तीन किलोमीटर पहले ही रोक दिया जाता है। अगर यात्री यहां शहर में नहीं आएगा तो यहां के लोगों को क्या फायदा होगा? उन्होंने यमुना की सफाई को लेकर भी सरकार और विपक्ष को घेरा। कहा, अखिलेश यादव ने यहां यमुना की सफाई के लिए हवन करवाया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ है। मौजूदा सरकार ने भी कई बड़े दावे किए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 

शर्मा ने कहा कि कोरोनाकाल में लोगों का व्यापार और काम सब ठप हो गया था। पैसों की तंगी के चलते एक हजार से ज्यादा लोग प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा मिलने गए थे। उनसे हमने कहा कि बच्चों की छह माह की फीस और गरीबों के घरों की बिजली बिल माफ कर दी जाए। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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