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UP Election 2022 : किसान के बेटों ने कृषि कानून वापसी पर कहा- ये गलत हुआ, इटावा में युवाओं ने चुनावी चर्चा की

Tue, 23 Nov 2021 03:40 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

चाय पर चर्चा और महिलाओं से संवाद करने के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' युवाओं के बीच पहुंचा। युवाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की। कई युवाओं ने सरकार की अच्छी नीतियों की तारीफ की, वहीं, कुछ ने कमियां भी गिनाईं। 
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इटावा में चुनावी मुद्दों पर बात करते युवा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीनों कृषि कानून वापस लेने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान पर किसान के बेटों ने नाखुशी जाहिर की है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से इटावा के एग्रीकल्चर कॉलेज में पढ़ाई करने पहुंचे युवाओं ने कहा कि इन तीनों कृषि बिल से छोटे किसानों को बहुत ज्यादा लाभ मिल सकता था। हालांकि कुछ युवाओं ने पीएम के इस फैसले पर खुशी भी जाहिर की। कहा कि इस बिल से काफी बड़ी संख्या में किसान नाराज थे। युवाओं ने 'अमर उजाला' के चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम में खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की। पढ़िए किसने क्या कहा?
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कृषि बिल पर क्या बोले युवा?
कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले शिवम वर्मा ने कहा कि कृषि कानून बहुत अच्छा था। ये छोटे किसानों के हित के लिए था। इसके खिलाफ जो आंदोलन कर रहे थे, वो केवल गिने-चुने लोग थे। वो राजनीति से प्रेरित होकर इसके खिलाफ धरना दे रहे थे। पीएम मोदी ने आने वाले चुनावों को देखते हुए इस बिल को वापस लिया है। ये सही फैसला नहीं है। इससे किसान आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

कार्यक्रम में शामिल छात्रों से शिवम के बयान के बारे में पूछा गया तो सभी ने उनका समर्थन किया।  एक अन्य छात्र ने कहा कि कृषि कानून को देश के बड़े कृषि वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों और अफसरों ने मिलकर तैयार किया था। ये किसानों के भलाई के लिए था। 
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सरकार के कौन से अच्छे कामों से युवा खुश हैं? 

इटावा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
अयोध्या के हर्ष पांडेय ने कहा कि पहले के मुकाबले पूरे प्रदेश और देश में माहौल बहुत बेहतर हुआ है। हर जगह साफ-सफाई अच्छी हुई है। गुंडागर्दी खत्म हुई है। बहराईच के अभिषेक सिंह ने कहा कि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। नकल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अब जो बच्चे पढ़ रहे हैं वही आगे बढ़ेंगे। 

अभय सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार से वह काफी खुश हैं। भाजपा सरकार में काफी विकास कार्य हुए हैं। हाईवे बने हैं। सड़कें बेहतर हुई हैं। युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन मिले हैं। गुंडागर्दी खत्म हुई है। 

मथुरा के मोहम्मद मुकीम ने कहा कि मौजूदा सरकार से वह खुश तो हैं, लेकिन इस सरकार में हिंदू-मुस्लिम बहुत ज्यादा होता है। ये अच्छी बात नहीं है। मुकीम के मुताबिक, सरकार ने शिक्षा व्यवस्था बेहतर की है। हाईवे बने हैं। बिजली व्यवस्था सुधरी है। विकास कार्य भी तेजी हो रहा है। 

कासगंज के विपिन कश्यप ने कहा कि गांव में बहुत विकास हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। बच्चे भी अब पढ़ाई करने स्कूलों में जाने लगे हैं। बलिया के विशाल सिंह ने कहा कि मैं इस सरकार से काफी खुश हूं। लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं से नाराजगी है। पार्टी के कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं को अच्छे से लागू नहीं होने देते हैं। भ्रष्टाचार करते हैं। 

मेरठ के आदित्य तोमर ने कहा कि मौजूदा सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काफी काम किया है। हालांकि, धार्मिक सौहार्द के मामले में सरकार कमजोर है। हिंदू-मुस्लिम और सभी धर्मों को आपस में मिलकर रहना चाहिए। 
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किन मुद्दों पर नाराज हैं युवा ? 

इटावा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
विकास ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ है। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की हालत खराब है। प्राइवेट स्कूलों में हर बच्चा नहीं जा सकता है। शिक्षा का स्तर और पढ़ाने के तरीके में बदलाव लाना चाहिए। तकनीक का प्रयोग करना चाहिए। अभि सिंह ने कहा कि सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन अफसर ठीक से काम नहीं करते हैं। 

गोंडा के विशाल वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार में हमेशा से विकास पर फोकस किया जाता है। तेजी से विकास कार्य भी हो रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में किसानों के लिए सबसे ज्यादा परेशानी आवारा पशुओं की वजह से हो रही है। दिन रात खेत की निगरानी करनी पड़ती है। 

हरदोई के विपिन गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह से स्कूल शिक्षा हुई है वो सभी जगह लागू होना चाहिए। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे उसे पूरा नहीं किया। 15-15 लाख रुपए देने का वादा किया था, लेकिन आज तक नहीं दिया। किसानों से भी किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। 
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