श्री देवोत्थान सेवा समिति से जुड़े अशोक माहेश्वरी ने बताया कि उनकी संस्था 194 देशों से हिंदुओं या सिखों की अस्थियां एकत्रित कर गंगा में प्रवाहित कराती है। इस बार पाकिस्तान के बलूचिस्तान, पश्तून और कराची में मारे गए लोगों की अस्थियां लाई गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीशू माहेश्वरी ने बताया कि यात्रा संयोजक विजय शर्मा के नेतृत्व में एक टीम अटारी बार्डर से होते हुए अस्थि कलश लेकर दिल्ली बोध घाट पहुंची। यहां से अस्थि कलशों के साथ यात्रा 21 फरवरी को सुबह 10 बजे दिल्ली से हरिद्वार के लिए रवाना होगी।
इस आयोजन से जुड़े प्रवीन कुमार ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर श्रद्धांजलि सभा के लिए आमंत्रित किया गया है। अब तक 1,66,289 अस्थि कलशों का विसर्जन हरिद्वार के कनखल सती घाट पर किया जा चुका है। 22 फरवरी को दोपहर एक बजे सभी अस्थि कलशों का 100 किलो दूध की धारा के साथ विसर्जन कर उन्हें मोक्ष प्रदान कराया जाएगा।