राज्य विद्युत नियामक आयोग जल्द नई बिजली दरों का ऐलान कर सकता है। घरेलू बिजली की दरों में 15 से 25 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है।
24 घंटे आपूर्ति वाले शहरों के उपभोक्ताओं को बिजली की ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
टैरिफ आर्डर जारी कराने के लिए पावर कार्पोरेशन प्रबंधन की सक्रियता के बाद आयोग पर दबाव बढ़ गया है।
आयोग नई बिजली दरें तय करने की औपचारिकताएं पूरी करने में तेजी से जुटा है और इस माह के अंत तक टैरिफ आर्डर जारी किया जा सकता है।
इस बीच बुधवार को आयोग ने पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन के लेखों के ट्रू-अप पर सुनवाई भी पूरी कर ली है।
भारी घाटे से जूझ रहा पावर कार्पोरेशन वर्ष 2013-14 का टैरिफ आर्डर जल्द जारी करने के लिए आयोग पर दबाव बनाने में जुटा है।
पावर कार्पोरेशन ने बिजली कंपनियों की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग को सौंपा है।
सूत्रों की मानें तो आयोग दरों में 15 से 25 फीसदी तक का इजाफा कर सकता है। आयोग ने जनसुनवाई आदि की औपचारिकता पूरी कर ली है। अब मामला बैलेंसशीट के ट्रू-अप के बाद निकलकर आ रहे घाटे के समायोजन पर फंसा है।
बिजली कंपनियों के कुल मिलाकर लगभग 24, 000 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई का रास्ता तलाशना भी आयोग के लिए बड़ी चुनौती है क्योंकि घरेलू बिजली दरों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की गुंजाइश नहीं है।
टैरिफ आर्डर को लेकर कार्पोरेशन इसलिए भी हड़बड़ी में है क्योंकि वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) के तहत मिलने वाली सहायता के लिए केंद्र की ओर से रखी गई शर्तों में हर साल अप्रैल में टैरिफ आर्डर जारी किया जाना भी शामिल है।
यही नहीं टैरिफ आर्डर बिजली के निजीकरण में भी रोड़ा बन रहा है। शासन ने गाजियाबाद, मेरठ, वाराणसी और कानपुर की बिजली व्यवस्था निजी क्षेत्र के सिपुर्द करने का फैसला किया है।
वितरण व्यवस्था संभालने की इच्छुक निजी कंपनियां भी टैरिफ आर्डर का इंतजार कर रही हैं। टैरिफ आर्डर जारी न होने से निजीकरण के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति के टेंडर की तारीखें दो बार बढ़ानी पड़ी हैं।
कंसल्टेंट के लिए पहले 13 मई को टेंडर डाले जाने थे जिसे पहले 20 मई और अब 29 मई तक बढ़ाया गया है।
भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक आयोग के मौजूदा कार्यवाहक चेयरमैन श्रीराम का कार्यकाल 4 जून को समाप्त हो रहा है।
पावर कार्पोरेशन की कोशिश है कि इससे पहले ही टैरिफ आर्डर जारी हो जाए क्योंकि नए चेयरमैन की नियुक्ति के बाद इसमें थोड़ा वक्त और लग सकता है।
पावर कार्पोरेशन के नवनियुक्त चेयरमैन संजय अग्रवाल ने मंगलवार को श्रीराम से मुलाकात कर टैरिफ आर्डर जल्द जारी करने का अनुरोध किया। इसके बाद आयोग ने अपने स्तर पर कार्यवाही तेज कर दी है।
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अगले सप्ताह तक नई दरों को अंतिम रूप देकर टैरिफ आर्डर जारी किया जा सकता है।