पूर्वांचल में हर साल कहर मचाने वाला इंसेफलाइटिस वायरल एक बार फिर लोगों की जान का दुश्मन बन गया है। पिछले 24 घंटे में ही मेडिकल कालेज में इंसेफलाइटिस से मरने वाले लोगों की संख्या दस से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती और वहां मरने वाले लोगों की संख्या का कोई हिसाब नहीं है।
बरसात में मौसम बदलते ही पूर्वांचल के पूरे इलाके में इंसेफलाइटिस का डंक धीरे धीरे सिर उठाने लगता है। अगस्त के मध्य तक यह पूरे उफान पर आ जाता है। फिलहाल पूर्वांचल में ऐसे हालात हैं कि हर घर में कोई न कोई मरीज बुखार या इंसेफलाइटिस से पीड़ित मिल जाएगा। जो अभी स्वस्थ हैं वो इंसेफलाइटिस की दहशत से जूझ रहे हैं।
जुलाई से सितंबर कहर ढाने वाली यह बीमारी प्रशासन के लिए नासूर बनकर रह गई है। पिछले एक दो सालों में सवा से ज्यादा और एक दशक में हजारों बच्चे और बड़े इसके चलते जान गंवा चुके हैं। वहीं लोगों में प्रशासन की लापरवाही पर भी बहुत आक्रोश है। आरोप है कि प्रशासन कोई स्वास्थ्य सुविधा और जमीनी सामान मुहैया नहीं करा रहा है।