उन्नाव-लखनऊ स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए समाजवादी पार्टी ने इस बार युवा चेहरा उतारा है। पार्टी ने सपा छात्रसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। सपा की इस पहल ने विरोधी दलों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं वहीं पार्टी के भीतर भी खलबली मचा दी है।
जिले में पार्टी के तीन नेता टिकट की जोड़तोड़ में लगे थे, लेकिन उन्हें किनारे करते हुए पार्टी ने युवा नेता पर विश्वास जताया है। सुनील यादव को सीएम के खास होने का लाभ मिला। इसका नतीजा है कि पिछले दिनों पार्टी से निकाले जाने के बाद पांच दिन के भीतर वापसी और इसके तुरंत बाद एमएलसी का टिकट देकर डैमेज कंट्रोल करने का काम किया है।
पिछली बसपा सरकार के समय युवाओं को सपा के पक्ष में एकजुट करने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सुनील सिंह यादव ‘साजन’ को 25 दिसंबर 2015 को पार्टी से निकाले जाने के बाद युवा वोट बैंक में बिखराव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें वापस लियाप।
इस कार्रवाई से हुए डैमेज को कंट्रोल करने के लिए पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करते हुए सुनील यादव को एमएलसी का टिकट भी दिया है। मंगलवार को प्रत्याशियों की लिस्ट जारी हुई, सूची में उनका नाम देख पार्टी में खलबली मच गई।
सीएम के करीबी हैं सुनील- उन्नाव। जिले की पुरवा विधानसभा क्षेत्र के हिलौली ब्लाक के बचुआ खेड़ा गांव निवासी सुनील ने सपा में छात्रसभा से अपने राजनीतिक कदम बढ़ाए। युवाओं में अच्छी पैठ के चलते अखिलेश यादव ने प्रदेश अध्यक्ष और बाद में छात्रसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी।
वर्ष 2007 से 2012 तक उन्होंने तमाम आंदोलन कर युवा वर्ग को बसपा के खिलाफ खड़ा करते हुए सपा से जोड़ा। 2011 में अखिलेश की साइकिल यात्रा में सुनील उनके साथ रहे और इस दौरान युवराज से उनकी नजदीकी बढ़ गई। 2012 में सपा सत्तासीन हुई तो उन्हें सीएम से नजदीकी का लाभ भी मिला, उन्हें पशुधन एवं दुग्ध विकास संघ का सलाहकार भी बनाया।
पार्टी में गुटबाजी को सुनील ने नकारा- एमएलसी प्रत्याशी सुनील यादव ने पार्टी में गुटबाजी को नकारा है। उन्होंने कहा कि सपा में टिकट मांगने और दावेदारी का अधिकार सबको है। उन्होंने कहा कि पार्टी जो फैसला लेती है, उस पर सभी अमल करते हैं। सुनील ने बताया कि पाटी एकजुट होकर उन्हें चुनाव लड़ाएगी और वह चुनाव जीतेंगे।