शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) जिले के नौ केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मंगलवार को दो पालियों में परीक्षा का आयोजन किया गया। 437 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षा दौरान जेडी माध्यमिक शिक्षा ने कई केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं डीआईओएस ने भी शहर के केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से सभी केंद्रों के बाहर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।
मंगलवार को सुबह दस बजे से शहर के नौ परीक्षा केंद्रों पर टीईटी की प्रवेश परीक्षा शुरू हुई, इसमें सुबह की पाली में 5291 परीक्षार्थियों को बैठना था, जिसमें 293 परीक्षार्थी नहीं पहुंच सके। यहां 4998 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा केंद्र जीआईसी चमरौली में 600 में से 579 परीक्षार्थी पहुंचे।
वहीं दूसरी पाली में शहर के सात परीक्षा केंद्रों पर दोपहर दो बजे से शुरू हुई, इसमें 3763 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, जिसमें 144 लोग अनुपस्थित रहे।
चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था- उन्नाव। टीईटी परीक्षा में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अफसर केंद्र में आने जाने वालों चेकिंग करते रहे। साथ ही केंद्र के भीतर मौजूद लोगों पर कड़ी निगाह बनी रही।
जेडी माध्यमिक शिक्षा ने जांची परीक्षा व्यवस्था- उन्नाव। टीईटी प्रवेश परीक्षा की प्रदेश प्रभारी व जेडी माध्यमिक शिक्षा अनारपति ने मंगलवार को जिले के बक्खाखेड़ा स्थित राजकीय विद्यालय व शहर स्थित डीएसएन डिग्री कॉलेज का निरीक्षण किया। वह बीएसए ऑफिस भी पहुंची।
उन्होंने अधिकारियों से टीईटी परीक्षा के साथ-साथ अन्य विभागीय कार्यों की पड़ताल की। उन्होंने दूसरी पाली में शहर के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। डीआईओएस देवकी सिंह ने जीआईसी अचलगंज, शहर स्थित जीआईसी व जीजीआईसी का निरीक्षण किया।
बाबू व रिटायर्ड टीचर बने कक्ष निरीक्षक- उन्नाव। टीईटी परीक्षा संपन्न कराने में विभागीय अधिकारियों ने लापरवाही बरती। इसमें शहर स्थित एक परीक्षा केंद्र में यहां पर तैनात बाबू व सेवानिवृत्त शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक बनाया गया।
इसकी जानकारी जब अधिकारियों को हुई तो उन्होंने इसे संज्ञान में लिया और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद आननफानन में कक्ष निरीक्षकों को बदला गया।
रोल नंबर की जगह डाला रजिस्ट्रेशन नंबर- उन्नाव। टीईटी परीक्षा संपन्न कराने में हुई लापरवाही का एक नजारा डीएसएन डिग्री कॉलेज में देखने को मिला। कक्ष संख्या 27 में परीक्षा देने पहुंचे शिक्षामित्रों के प्रवेश पत्र में रोल नंबर के स्थान पर रजिस्ट्रेशन नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर के स्थान पर रोल नंबर लिखा गया था।