स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2008 में जिले में एचआईवी से पीड़ित लोगों की संख्या 24 थी। जबकि संदेह के आधार पर दो हजार से अधिक लोगों की जांच हुई थी। वहीं, 2009 में ऐसे रोगियों की संख्या 24 से बढ़कर 41 हो गई थी। इस वर्ष भी दो हजार से अधिक लोग जांच के लिए जिला अस्पताल आए थे। हालांकि वर्ष 2010 में एचआइवी पीड़ितों की संख्या में कमी आई।
इस वर्ष यह आंकड़ा 28 रहा। सबसे अधिक एचआईवी पाजिटिव वर्ष 2011 में मिले। वर्ष 2010 में 28 मरीजों का यह आंकड़ा 11 में बढ़कर 66 पहुंच गया। वर्ष 2012 में 50 तथा वर्ष 13 में एचआईवी पीड़ितों में फिर बढ़ोत्तरी हुई और जिले में 60 एचआईवी पीड़ित मरीज पाए गए। नवंबर 14 तक जिले में एचआईवी पीड़ित मरीजों की संख्या 50 पहुंच चुकी है।
जिला अस्पताल में बने सेंटर में एड्स से पीड़ित बीस मरीजों का इंटीरेट्रो वायरस ट्रीटमेंट चल रहा है। जिले में मात्र तीन सेंटर होने से मरीजों को इसका समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।