सफीपुर। विकासखंड क्षेत्र के अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ब्रह्मना में नाली व पक्के मार्गों के लिए शासन से 50 लाख रुपये जारी किए गए लेकिन धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। गांव के लोग अभी भी ध्वस्त रास्तों व क्षतिग्रस्त नालियों के बहते गंदे पानी का दंश झेल रहे हैं।
कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता का कहना है कि गांव में सीसी रोड व नाली निर्माण होना है। जबकि इस्टीमेट में त्रुटिवश इंटरलॉकिंग चढ़ गया है। इसे सही कराया जा रहा है। इसी कारण कार्य शुरू करने में देरी हुई है। ब्रह्मना गांव में अनुसूचित जाति की पांच सौ की आबादी वाले देवीखेड़ा व नई बस्ती में समाज कल्याण विभाग विकास की एकीकृत योजना से वित्तीय वर्ष 2024-25 में विकास कार्यों के लिए 50 लाख रुपये जारी हुए थे।
शासन से जारी आदेश में इस बजट से गांव के दस कच्चे मार्गों को पक्का किया जाना था। इसके अलावा नालियां व एक छोटी पुलिया का निर्माण भी होना था। इन्हीं कार्यों में बस्ती के नजदीक कुलदेवी व चार मूर्ति मंदिर तक जाने वाले कच्चे मार्ग पर सीसी रोड बननी थी। देवीखेड़ा के रामदीन कुरील ने बताया कि देवा गांव जाने वाले मार्ग के बाईं ओर नाली न होने के कारण जलभराव होता है।
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नई बस्ती में पक्का मार्ग और न जलनिकासी को नाली
नई बस्ती में करीब दस नए मकान बन गए हैं। यहां तक पहुंचने के लिए न पक्का मार्ग बन सका है और न ही जलनिकासी के लिए नालियां। ऐसे में यहां के लोगों को कच्चे मार्ग से आवागमन करना पड़ता है। बारिश के दौरान कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। जिससे आना जाना ठप हो जाता है। नालियां न होने से गंदा पानी कच्चे रास्ते में ही भरा रहता है।
वर्जन
गांव में कार्य कराने के लिए बजट उपलब्ध हो गया है। कार्यदायी संस्था सिडको को शीघ्र निर्माण कार्य कराने के लिए पत्र जारी कर दिया गया है। -मनोज कुमार, समाज कल्याण अधिकारी विकास।
वर्जन
गांव में कराए जाने वाले कार्यों में कच्चे रास्तों को सीसी कराना है। हालांकि इस्टीमेट में इंटरलाॅकिंग दर्ज हो गया है। इसे सीसी कराया जा रहा है। इसमें ही देरी हो रही है। मुख्यालय स्तर से इसे सही कराया जाना है। यह त्रुटि सही होने के बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -धीरेंद्र कुमार सिंह, अवर अभियंता यूपी सिडको।