उन्नाव। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को अब गांवों के बिजली बिल वसूलने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इसके लिए विद्युत विभाग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के बीच समझौता हुआ है। इससे महिलाओं के लिए एक तरफ रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और उनकी आमदनी में भी इजाफा होगा।
वर्तमान समय में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 3.70 लाख है। इनमें से 20 से 25 फीसदी उपभोक्ता ही नियमित बिजली जमा कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिल जमा केंद्रों का काफी दूरी पर होना भी बिल के भुगतान में देरी या लंबे समय तक न जमा करने की बड़ी वजह है। शासन ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को उनके घरों पर बिजली बिल जमा करने की सुविधा देने जा रही है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसकी जिम्मेदारी दी जा रही है। समूह की ऐसी महिलाएं जो कम से कम हाईस्कूल पास होंगी उन्हें ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल बकाया वसूलने में लगाया जाएगा। इसके लिए बिजली विभाग और एनआरएलएम विभाग के बीच समझौता हुआ है। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता ने एनआरएलएम के उपायुक्त से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सूची मांगी है। सूची मिलने के बाद महिलाओं को बिजली बिल जमा करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
महिलाओं को दी जाएगी ई-पॉस मशीन, मिलेगा कमीशन
बिजली बिल जमा करने के लिए महिलाओं को ई-पॉस मशीन दी जाएगी। महिलाएं मशीन में उपभोक्ता का खाता संख्या दर्ज करेंगी। तुरंत बिल खुलकर आ जाएगा। उपभोक्ता से पैसा लेकर महिलाएं बिल जमा कर देंगी। इसके लिए महिलाओं को प्रत्येक बिल पर 20 रुपये मिलेगा। अगर वह पांच हजार से अधिक का बिल जमा करेंगी तो अतिरिक्त कमीशन भी मिलेगा।
350 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
बिजली विभाग से इसके लिए अनुबंध हुआ है। विभाग ने 350 महिलाओं की ट्रेनिंग कराने के लिए सूची मांगी थी। जिसे तैयार कराया जा रहा है। अभी तक 200 महिलाओं की सूची तैयार की जा चुकी है। इस व्यवस्था से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी हो सकेगी। महिलाओं को 2 से 3 किलोमीटर का क्षेत्र बिल वसूली के लिए दिया जाएगा।
-प्रदीप कुमार, उपायुक्त स्वत: रोजगार एनआरएलएम
एनआरएलएम ने अभी तक नहीं दी है सूची
ग्रामीण क्षेत्रों का बिजली बिल वसूली की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जा रही है। जनपद में करीब 3.70 लाख ग्रामीण उपभोक्ता हैं। इसमें महिलाओं की संख्या की कोई बाध्यता नहीं है। गांव के उपभोक्ताओं की संख्या बहुत अधिक है। ऐसे में जितनी समूह की महिलाएं आगे आएंगी उन्हें प्रशिक्षण के बाद जिम्मेदारी दी जाएगी।
-एसके सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड उन्नाव।