बीघापुर (उन्नाव)। हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़ में उन्नाव की महिला की भी मौत हुई है। वह रायबरेली निवासी अपने पिता व पांच साल के बेटे के साथ सत्संग में शामिल होने गई थी। हादसे के बाद लापता हुए बच्चे को पुलिस ने बुधवार को अलीगढ़ से खोज कर परिजनों के सुपुर्द किया। वहीं, मृतका के पिता और दूसरी बस से पहुंची ननद सुरक्षित हैं। बुधवार देर शाम शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
बारा सगवर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव निवासी राजन पासवान की पत्नी रूबी (34) सोमवार को रायबरेली जिले के नरसिंहपुर निहस्था निवासी पिता छेदीलाल व बेटे श्रेयांश (5) के साथ सत्संग में शामिल होने गई थी। रूबी के पिता हरि बाबा के अनुयायी हैं। मंगलवार को हाथरस जिले के सिकंदराराउ के फुलरई मुगलगढ़ी में सत्संग के बाद निकल रहे बाबा की चरण धूल लेने के लिए भीड़ बेकाबू हो गई। हादसे में रूबी की भी मौत हो गई।
सूचना से परिवार में कोहराम मच गया और परिजन शव लाने के लिए हाथरस पहुंच गए। मृतका के देवर सुंदर ने बताया कि भाभी के पिता सत्संग में जा रही बस से गए थे, उन्होंने भाभी को भी ले लिया था। इससे पहले भी भाभी अपने पिता के साथ कई बार सत्संग में जा चुकी हैं। सोमवार को ही इसी तहसील के बरुआ गांव निवासी उसकी बहन रानी पत्नी रजोल (रूबी की ननद) भी दूसरी बस में बैठकर सत्संग में गई थीं। हालांकि वह और भाभी के पिता सुरक्षित हैं।
हादसे के बाद भाभी के न मिलने पर रानी ने फोन से सूचना दी। देवर सुंदर परिवार के अंकित, राकेश, मृतका की चचेरी बहन शिवकुमारी व भाई सूर्यभान के साथ हाथरस पहुंचे और पुलिस के सहयोग से रूबी के शव की पहचान की और पुलिस की मदद से श्रेयांश अलीगढ़ में बनाए गए कैंप में सकुशल मिल गया। बुधवार देर शाम शव को घर लाया गया। मृतका का पति राजन ट्रक चालक हैं। वह अहमदबाद से घर आ रहे हैं। परिजनों ने बताया कि गुरुवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
घटना को याद कर कांप जाता है मासूम श्रेयांश
भीड़ में मां और नाना से बिछड़ा पांच साल का मासूम श्रेयांश गुमसुम है। वह केवल इतना बताता है कि बहुत भीड़ थी। सब लोग भाग रहे थे, तभी मां का हाथ छूट गया। वह भी कई बार गिरा। इसके बाद पुलिस ने उसे पानी पिलाया और खाना खिलाया। परिजनों के साथ घर लौटा श्रेयांश चारपाई पर गुमसुम लेटा है। वह बार-बार कांप जाता है। मानों घटना के बारे में सोच कर अभी भी सिहर रहा हो।
शव लाने के लिए उपलब्ध कराया वाहन
मृतका के देवर सुंदर ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद हाथरस प्रशासन ने शव को घर लाने के लिए सरकारी शव वाहन उपलब्ध कराया। साथ में एक एसआई को भी साथ भेजा। देवर ने बताया कि मां की मौत से उसकी भतीजियां रंजना (13), संजना (10) व श्रेया (8) का रो-रोकर बेहाल हैं।