भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर प्रकरण में किशोरी के चाचा की ओर से किशोरी के पिता से मारपीट की घटना में गवाह की मौत को हत्या बताए जाने पर पुलिस हरकत में आई। बुधवार को माखी एसओ ने गवाह के घर पहुंचकर जानकारी ली। एसओ के मुताबिक यूनुस पेट की बीमारी से परेशान था। बीमारी भी उसकी मौत का कारण हो सकती है। मृतक के घर वालों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में मंगलवार को किशोरी के चाचा ने किशोरी के पिता के साथ 3 अप्रैल 2018 को विधायक के भाई अतुल सिंह व अन्य लोगों द्वारा बेरहमी से हुई मारपीट की घटना में सीबीआई के गवाह यूनुस खान की 18 अगस्त को हुई मौत को हत्या बताया था। किशोरी के चाचा ने मंगलवार को डीएम और एसपी को अपनी ओर से प्रार्थनापत्र देकर जांच और पोस्टमार्टम की मांग की थी। चाचा ने विधायक पक्ष पर साजिश रचने और जहर देकर जान से मारने का आरोप लगाया था। बुधवार को मामला सुर्खियों में आया तो माखी थानाध्यक्ष जावेद अख्तर ने यूनुस के घर पहुंचकर परिवार वालों से बात की।
एसओ ने बताया कि उन्हें अभी कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। लेकिन मामला उनके थानाक्षेत्र के होने से जानकारी जुटाने के लिए मृतक के परिवार वालों से मिले। यूनुस के भाई रसूलबक्स ने एसओ को बताया कि यूनुस को लीवर में संक्रमण था। कई माह से उसका इलाज चल रहा था। एसओ ने बताया कि मृतक की पत्नी या परिवार के किसी सदस्य की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।