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Unnao News: भूमिगत पाइप लाइन का काम करने के दौरान धंसी मिट्टी, तीन श्रमिक दबे

Fri, 08 Aug 2025 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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पेयजल पाइप लाइन डालने के दौरान हुई घटना के बाद लगी भीड़। - फोटो : पेयजल पाइप लाइन डालने के दौरान हुई घटना के बाद लगी भीड़।
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अचलगंज (उन्नाव)। करौंदी के पास गुरुवार शाम पांच बजे पेयजल (जल शक्ति मिशन) की भूमिगत पाइप लाइन डालते समय अचानक मिट्टी का टीला धंस गया। इस दौरान नौ फीट गहराई में पाइप लाइन जोड़ रहे तीन श्रमिक दब गए। अन्य श्रमिकों ने ग्रामीणों की मदद से दो घंटे बाद तीनों को निकाला। एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टर ने एक को इलाज के बाद छुट्टी दे दी, जबकि दो का इलाज चल रहा है। घटना के बाद ठेकेदार मौके से भाग निकला।
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अचलगंज थाना के बाबाखेड़ा-बदरका लिंक मार्ग पर करौंदी के पास से भूमिगत गैस पाइप लाइन निकली है। इसके पास से ही जल शक्ति मिशन के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जा रही है। निर्माण एजेंसी मेगा इंफ्रा काम करा रही है। गुरुवार शाम पाइप लाइन को डालने के बाद उसे वेल्डिंग करने का काम चल रहा था।
लखीमपुर जिले के पलिया थानाक्षेत्र के मझगाई निवासी तिलकराम (32) उसी गांव के जग्गा (19) पुत्र पप्पू और राजनराम (32) काम कर रहे थे। इसी दौरान नाली के दोनों तरफ जमा मिट्टी अचानक धंस गई और काम कर रहे तीनों श्रमिक दब गए। साथ काम कर रहे श्रमिकों की सूचना पर ग्रामीण पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
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थानाध्यक्ष राजेश पाठक फोर्स के साथ पहुंचे। ग्रामीणों और अन्य कर्मचारियों ने जेसीबी लगाकर मिट्टी को हटवाया। करीब दो घंटे मशक्कत के बाद तीनों श्रमिकों को निकाल जा सका। एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। करीब दो घंटे इलाज के बाद डॉक्टर ने राजनराम को छुट्टी दे दी, जबकि अन्य दोनों का इलाज चल रहा है। थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया कि डॉक्टर ने दोनों की हालत को खतरे से बाहर बताया है।

श्रमिकों से बिना सुरक्षा कराया जा रहा था काम
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि बिना किसी सुरक्षा किट के बारिश के मौसम में श्रमिकों से काम करवाया जा रहा था। यह कार्यदायी संस्था की घोर लापरवाही है। खोदाई के बाद मिट्टी को गड्ढे के पास से थोड़ी दूर पर डलवाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाएं न हो, लेकिन मिट्टी को खाईं के पास ही डंप कराया गया है।
यही कारण है कि गीली मिट्टी का बड़ा ढेर खंती में गिर गया और श्रमिकों की जान पर बन आई। जेसीबी से तीनों को निकाला जाना असंभव था। गनीमत रही कि बड़ी संख्या में आसपास के लोग फावड़े लेकर मौके पर पहुंच गए और कर्मचारियों के साथ खुद मजदूरों को निकलने में सहयोग कर तीनों को बचा लिया।
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