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तेज धूप से झुलसने लगा गेहूं

Mon, 06 Mar 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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गेहूं खरीद
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मौजूदा समय में मौसम में हो रहे बदलाव का असर गेहूं की फसल पर पड़ने लगा है। तेज धूप के कारण खेत में खड़ी गेहूं की फसल झुलसने लगी है। इससे किसानों को झटका लगने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कृषि के जानकार फसल की पैदावार गिरने की संभावना जता रहे हैं।

मार्च माह की शुरुआत में ही तापमान चढ़ने लगा है। मौजूदा समय में अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना है। इसका असर गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। कृषि जानकारों की मानें तो तेज धूप खेत की नमी सोख रही है। जिसका असर गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। खेत सूखने से गेहूं की फसल भी झुलसने लगी है। इससे अन्नदाता परेशान नजर आ रहा है। कृषि के जानकारों की मानें तो यदि आगे भी ऐसे ही तेज धूप निकली तो गेहूं का उत्पादन गिर सकता है।
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इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिक किसानों से खेतों में नमी बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेतों में नमी कम नहीं होनी चाहिए। यदि ऐसा हुआ तो इसका  असर गेहूं के पैदावार पर पड़ सकता है। मालूम हो कि जनपद में इस बार ढाई लाख हेक्टेअर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया है। कृषि विभाग ने 900 मीट्रिक टन के आसपास गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा है, लेकिन समय से पहले तेज धूप निकलने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल झुलसने से उत्पादन प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

फसलों को घेर रही बीमारियां
औरास। पिछले दस दिनों से मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मार्च में मई जैसी गर्मी की शुरुआत हो गई है। अचानक तापमान बढ़ने से फसलों पर खतरा मड़राना शुरू हो गया है। जिससे रबी की फसलों की पैदावार गिर सकती है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि गर्मी से केवल फसल पर ही प्रभाव नहीं पड़ा है बल्कि नई-नई बीमारियों का भी जन्म हो रहा है। गर्मी के कारण गेहूं और सरसों समय से पहले ही पक जाने से पैदावार पर बड़ा असर पडे़गा। यदि दो चार दिन में बरसात नहीं होती तो फसलों की पैदावार काफ ी हद तक गिर जाएगी।

नहर सूखी, उड़ रही धूल
औरास। क्षेत्र की माइनरों में पानी न होने से किसान निजी पंपों के जरिये सिंचाई करने को मजबूर है। विकासखंड औरास के सीमऊ गांव के किनारे से शारदा नहर निकली है। जिससे अल्दौं, ताल्ही लहरू, पुरथ्यावां, खड़वल, सरौंद, कबरोई आदि सैकड़ों गांवों के किसानों को लाभ होता हैं। इसके अलावा पूराचांद गांव के पास से निकली माइनर में भी पानी नहीं है। इस समय गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है, लेकिन नहरें सूखी पड़ी हैं। जानकारों की माने तो इस समय रोस्टर के अनुसार नहरों में पानी होना चाहिए, लेकिन नहरें रोस्टर के मुताबिक नहीं चल पा रही हैं। जिससे किसानों को निजी पंपों के सहारे सिंचाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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खेतों में नमी बनाए रखें किसान
इस बार समय से पहले तेज धूप और गर्मी पड़ने से गेहूं की फसल झुलस सकती है। इससे गेहूं की पैदावार भी कम हो सकती है। किसानों को इस समय फसल पर ध्यान देना चाहिए। खेतों में नमी बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।-यतींद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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