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Unnao News: शराब मिलावटी थी या नशा बढ़ाने के लिए कुछ मिलाया, हो रही जांच

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उन्नाव। शराब पीने के बाद हालत बिगड़ने और दो लोगों की मौत होने की घटना में ग्रामीणों में चर्चा है कि या तो शराब ठेके में मिलावटी शराब बेची जा रही थी या फिर नशा बढ़ाने के लिए पीने वालों शराब में कुछ और भी मिलाया हो। लोगों ने बताया कि नशे के लती लोग देसी शराब में स्प्रिट या अवैध (कच्ची) शराब भी मिलाकर पी लेते हैं।
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शराब मिलावटी थी या नहीं इसका पता तो फॉरेंसिक रिपोर्ट आने या सेल्समैन से पूछताछ पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। शराब पीने के बाद हालत बिगड़ने से मृत हुलासी, पृथ्वीपाल और गंभीर हालत में भर्ती जयकरन, तीनों शराब के लती थे। जो भी कमाते थे शराब में ही उड़ा देते थे। इन दोनों भाइयों को शराब की लत हुलासी ने ही लगवाई थी। वही घर आता था और दोनों भाइयों से रुपये लेकर शराब लाकर पिलाता था और खुद पीता था। ग्रामीणों के अनुसार हो सकता हो इन तीनों ने ही नशा बढ़ाने के लिए शराब में कुछ मिलाया हो।

पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित

जहरीली शराब से मौत की चर्चा पर पुलिस ने हुलासी, पृथ्वीपाल के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। पैनल में शामिल जिला अस्पताल के डॉ. विकास कुमार, डॉ. बृज कुमार और अचलगंज सीएचसी में तैनात डॉ. आशुतोष वाष्णेय ने वीडियोग्रॉफी के बीच पोस्टमार्टम किए। रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने बिना खाना खाए शराब पी और बाद में खाना खाया। खाली पेट शराब पीने और उसके बाद खाना खाने से तीनों के पेट में अपच हुआ और हालत बिगड़ गई। जहर की आशंका को देखते हुए दोनों के विसरा सुरक्षित किए गए हैं।
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पुताई कर परिवार का करते थे पालन पोषण
तीनो श्रमिक लखनऊ में ठेकेदार के माध्यम से पुताई का काम करते थे। उसी कमाई से परिवार का पोषण करते थे। हुलासी तीन भाइयों में छोटे थे, एक भाई की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद पत्नी प्रेमावती बेहाल हैं। वह चार भाईयों में छोटा था। वहीं दूसरे मृतक पृथ्वीपाल की विवाहित बहन कानपुर निवासी वंदना ने बताया कि उसकी पत्नी सावित्री की 12 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। बेटे सुधीर की भी चार साल पहले मौत हो चुकी है। अब बच्चों में नरेंद्र, इंद्रसेन और अंजली हैं। वह पांच भाईयों में चौथे नंबर का था। पृथ्वीपाल के भाई रमेश की भी बीमारी से मौत हो गई थी। सबसे छोटा भाई जयकरन जिंदगी मौत से जूझ रहा है।



घटना के दिन पांच से सात दिसंबर के बीच तीन हजार से अधिक पौवे बिक चुके है। दावा किया कि अगर शराब मिलावटी या जहरीली होती तो और भी केस सामने आते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बताया कि शराब की जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला भेजा गया है। - कुमार गौरव सिंह, क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक
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