उन्नाव। स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत छोटे उद्योग स्थापित करने को कारीगरों को 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। योजना के तहत उद्योग लगाने के लिए आवेदन करने वाले कारीगरों का साक्षात्कार 20 नवंबर को होना है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत लोगों को टोकरी बुनकर, कुम्हार, लोहार, राजमिस्त्री, दर्जी, बढ़ई, नाई, हलवाई, मोची व सुनार आदि ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान कराए जाने की व्यवस्था प्रदेश सरकार ने की है। छह दिनों चलने वाली ट्रेनरिंग का सारा खर्च सरकार उठाएगी। योजना के तहत छोटे उद्योग स्थापित करने को आर्थिक सहायता और लोन में 25 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। उपायुक्त उद्योग सविता रंजन ने बताया कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 20 नवंबर को सुबह 10.30 बजे से विभागीय कार्यालय में होगा। आवेदक को इस साक्षात्कार के लिए अपने आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र व बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ निर्धारित स्थान व समय पर उपस्थित होना होगा।