सोमवार को बिना सोशल डिसटेंसिंग का पालन करे लखनऊ कानपुर हाइवे पर दहीचौकी के पास लोडर में सफर करते ?
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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सोमवार को खचाखच सवारियां बैठाकर भार वाहन फर्राटा भरते रहे। पुलिस भी उन्हें रोकने के बजाए आगे बढ़ने का इशारा कर अपनी बला टालती रही। अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ उन्हीं भार वाहनों को रोका गया जिनमें बालू, मौरंग या गिट्टी या अन्य माल लदा होने पर भी यात्री बैठाए गए थे।
शासन की ओर से प्रवासी श्रमिकों को पैदल व भार वाहनों से आवागमन पर रोकने के निर्देश पर रविवार को जिले की सीमा पर जाजमऊ गंगापुल पर बैरियर लगाकर सवारी बैठाए भार वाहनों को रोक कर सफर करने वालों को रोडवेज बसों से गंतव्य के लिए रवाना किया था। लेकिन यह व्यवस्था दूसरे दिन सोमवार को ही ध्वस्त हो गई। पुलिस ने सिर्फ उन्हीं वाहनों को रोका जिनमें बालू, मौरंग, गिट्टी खनिज या अन्य कोई भार लादे वाहनों में यात्री बैठे होने पर उन्हें रोक लिया।
हादसे के खतरे को देखते हुए यात्रियों को उतारकर दूसरे वाहनों से भेजा। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर शहर के गदनखेड़ा बाइपास तिराहा, दही चौकी पुरवा मोड़, अजगैन मोड़ सहित अन्य स्थानों पर उतारे जाने के बाद बस व दूसरे वाहनों की व्यवस्था न होने पर प्रवासी श्रमिकों ने हंगामा भी किया। इसपर पुलिस को जो भी वाहन खाली मिला उसी में बैठाकर रवाना आगे भेज दिया।
एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह 115 लोगों को बसों से बिहार प्रांत भेजा गया। उन भार वाहनों को ही रोका गया जिनमें खनिज या अन्य माल भाड़ा लदा था और काफी संख्या में यात्री भी बैठाए थे। हादसे की आशंका को देखते हुए श्रमिकों को इन वाहनों से उतारकर दूसरे वाहनों से भेज दिया गया।