मृतक सर्विदाकर्मी रामबाबू की पत्नी को एक लाख का चेक देते अधीक्षण अभियंता एसके सिंह।
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उन्नाव। शहर के मोहल्ला रामनगर में फॉल्ट की मरम्मत के दौरान करंट लगने से गिरकर घायल हुए संविदा कर्मी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। ठेका कंपनी ने मुआवजा देने इनकार कर दिया। इससे आक्रोशित परिजन श्रमिक नेताओं के साथ एसई (अधीक्षण अभियंता) पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने अधीक्षण अभियंता के साथ कंपनी के अधिकारियों से बात की। मृतक की पत्नी को एक लाख का चेक दिलवाया और शेष 4 लाख रुपये गुरुवार को देने के निर्देश दिए। इसके बाद हंगामा शांत हुआ।
शहर के मोहल्ला पूरन नगर निवासी रामबाबू (45) पुत्र राजा राम विद्युत विभाग में मरम्मत कार्य का ठेका लेने वाली कंपनी बेसिल में संविदा कर्मी था। मंगलवार को सिटी फीडर से जुड़े रामनगर मोहल्ले में केबल बॉक्स का फाल्ट ठीक करने के लिए वह पोल पर चढ़ा और केबल बॉक्स खोलने लगा। इसी दौरान करंट लगने से पोल से गिरकर घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल से रेफर कर दिया गया था। लखनऊ के सिटी हॉस्पिटल रेफर में इलाज के दौरान मंगलवार शाम 5 बजे उसकी मौत हो गई। घरवालों की सूचना पर विद्युत विभाग संविदा कर्मी यूनियन के मंडल अध्यक्ष प्रदीप कुमार पहुंचे। ठेका लेने वाली कंपनी ने मुआवजा देने से इंकार कर दिया। आक्रोशित परिजन बुधवार को रामबाबू का शव लेकर दही चौकी स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंच गए और हंगामा करने लगे।
संविदा कर्मी संघ के मंडल अध्यक्ष व काफी संख्या में मौजूद संविदा कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता एसके सिंंह से वार्ता की लेकिन बात नहीं बनी। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल पहुंचे और अधीक्षण अभियंता और बेसिल कंपनी के अधिकारियों से बात की। करीब दो घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कंपनी की ओर से मिला एक लाख का चेक मृतक आश्रित पत्नी गीता को दिया और निर्देश दिए किए गुरुवार को चार लाख रुपये और दें। इसके बाद हंगामा शांत हुआ।