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Unnao News: यूपीडा की लापरवाही ने ली गोरखपुर के किराना व्यापारी की जान

Fri, 05 Sep 2025 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फोटो-34- रमन धर दुबे। स्रोत: परिजन
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गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर गढ़ा गांव के पास कार में मृत मिले गोरखपुर निवासी किराना व्यापारी के शव का गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया। हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई है। मृतक के भाई ने यूपीडा और पीआरवी के गश्ती दल पर गंभीर आरोप लगा। उनका कहना है कि अगर यूपीडा व गश्ती दल ने लापरवाही न बरत कर जिम्मेदारी निभाकर भाई को अपनी निगरानी में लिया होता तो उनकी जान बच सकती थी।
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गोरखपुर जिले के पिटियाहाता निवासी किराना व्यापारी रमनधर दुबे (41) पुत्र गोविंदनारायण दुबे दो सितंबर की शाम गुरुग्राम में पढ़ रही बेटी नमिता से मिलने के लिए कार से निकले थे। बुधवार सुबह तीन बजे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के गढ़ा गांव के पास अपनी सैलेरियो कार को पार्किंग लेन में खड़ी कर शराब पीते देखे गए थे। गाड़ी स्टार्ट थी, सभी शीशे बंद औरएसी चल रहा था।
इसी बीच यूपीडा की गश्ती टीम ने बुधवार सुबह करीब तीन बजे कार खड़ी देखकर टोका तो रामन धर ने कुछ देर में चले जाने की बात कही थी। हर दो से तीन घंटे में गश्त करने का दावा करने वाली यूपीडा की टीमों ने इसके बाद उन्हें न तो टोका और न ही उनकी हालत देखने की जहमत की। शाम करीब चार बजे गश्त के दौरान पीआरवी ने कार खड़ी देख चेक करने पहुंची तो रमनधर चालक सीट पर मृत मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई है।
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कार चलाई होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था
मृतक के छोटे भाई अमन धर दुबे ने यूपीडा और पीआरवी पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि जब यूपीडा की टीम ने बुधवार सुबह तीन बजे भाई को कार के अंदर बैठकर शराब पीते देखा था तो उसे उतारकर कहीं सुरक्षित स्थान पर बैठाने और अपनी निगरानी में रखने के बजाए उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया। यही नहीं अपनी बला टालने के लिए उन्हें वहां से जाने को कह दिया था। अगर वह नशे गाड़ी चलाते तो कई और लोगों की भी जान जा सकती थी। यूपीडा के पास एंबुलेंस और स्वास्थ्य टीम भी रहती है। अगर भाई रमन धर ज्यादा नशे में थे तो उन्हें कुछ इलाज या उनकी ह्रदयगति, ऑक्सीजन लेवल लिए भी चेक कर लेते तो जान बच जाती। इसके बाद बुधवार सुबह से शाम तक कार एक ही स्थान पर खड़ी रही किसी ने दोबारा उसके पास जाकर देखना भी जरूरी नहीं समझा।
मुख्य सुरक्षा अधिकारी यूपीडा प्रभात कुमार अवस्थी ने कहा कि पूरे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर यात्रियों और यातायात की सुरक्षा के लिए 38 गश्ती गाड़ियां लगी हैं। इनमें 10 वाहन टोल एजेंसी श्रीसांई सातार एजेंसी के, 10 गाड़ियां यूपीडा की और 18 पुलिस की पीआरवी हैं। जिस स्थान पर घटना हुई है वह टोल एजेंसी का क्षेत्र है। शाम को पीआरपी ने सूचना दी, इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस के पहुंचने के बाद कार को खोला गया तब मौत होने की पुष्टि हुई। घटना में गंभीर लापरवाही सामने आई है। गहनता से जांच कराई जाएगी। जो भी जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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