उन्नाव के शुक्लागंज में युवती का कंकाल मिलने की सूचना पर आरोपी अखिलेश की मां गुलाबा देवी व पिता राम गुलाम घटनास्थल पर पहुंचे। कंकाल के पास ही मिला चाभी का गुच्छा पुलिस ने दोनों को दिखाया। मृतका के ससुर राम गुलाम ने गुच्छा बहू के कमरों व अलमारी के तालों का बताया।
पुलिस आरोपी अखिलेश के घर पहुंची और गुच्छे की चाभी से अलमारी व लॉकर के अलावा अन्य कमरों के ताले खोलने शुरू किए। चाभी लगाते ही सभी ताले खुल गए। इस पर पुलिस को यकीन हो गया कि मौके पर मिला कंकाल अंजली का ही है। महिला की सास गुलाब देवी ने पुलिस को बताया कि उनकी बहू अंजली को उसका पति अखिलेश रात 12 बजे अस्पताल में डिलीवरी कराने की बात कहकर ले गया था। यहीं से पुलिस को शक हुआ और पति की तलाश में जुट गई।
आरोपी दमाद को कमरे में बंद किया
अखिलेश की तलाश में जुटी पुलिस ने उसके ससुर को फोन कर अखिलेश के बारे में जानकारी ली। ससुर ने उसके ससुराल में होने की बात कही तो पुलिस ने उसे रोके रखने को कहा। इस पर ससुर उसे बहाने से कमरे के अंदर ले गया और बाहर से दरवाजे की कुंडी लगा कमरे में बंद कर दिया। कुछ देर बाद पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। अखिलेश ने बताया कि उसे शक था कि उसकी पत्नी के एक युवक से अवैध संबंध थे। इसी शक पर पत्नी को डिलीवरी के बहाने बाइक से ले गया और हत्या के बाद चेहरा ईंट से कूंचकर शव को पेट्रोल डालकर जला दिया।
13 साल पहले अंजली से हुई थी शादी
अखिलेश की शादी 13 साल पहले अंजली से हुई थी। तीन माह पहले अंजली मायके गई थी। दो दिन मायके में रहने के बाद ससुराल आ गई थी। मृतका के दो बेटियां हैं। इसमें आकृति (11) व सौम्या (8) है। तीसरे बच्चे को जन्म देने से पहले ही शक की ऐसी दीवार खड़ी हुई कि पति ने जीवनसंगिनी को मौैत के घाट उतार दिया।