उन्नाव से गिरफ्तार हुए रोहिंग्या के काम करने वाले स्लाटर हाउस के 1100 मजदूरों और आठ ठेकेदारों (मजदूर सप्लायर) के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों की जांच एटीएस ने शुरू की है। इनमें से कुछ के रोहिंग्या होने का शक है। इसलिए एटीएस ने स्लाटर हाउस प्रबंधन से इनकी जानकारी मांगी थी। अब एटीएस अपने पास मौजूद संदिग्धों की सूची से आधार कार्ड के आधार पर इनका मिलान कर रही है।
यह भी पता लगाया जा रहा कि इनके आधार कार्ड सही है या फर्जी। 28 फरवरी को एटीएस लखनऊ ने अचलगंज के बंथर स्थित स्लाटर हाउस में दबिश देकर म्यांमार निवासी रोहिंग्या शाहिद को गिरफ्तार किया था। शाहिद यहां मजदूरों को काम पर रखवाता था। उसकी निशादेही पर एटीएस ने सदर कोतवाली पुलिस की मदद से शहर के कासिम नगर स्थित किराये के मकान में दबिश दी थी।
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने खुलासा किया था कि शाहिद गिरोह के सदस्यों के जरिये म्यांमार के रोहिंग्यों को बांग्लादेश के रास्ते भारत लाकर यहां के स्लाटर हाउसों में काम दिलवाता था और उनसे उगाही करता था। देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने व मानव तस्करी का भी उस पर आरोप है।