दूसरे प्रांतों और जिलों के अपराधियों और आतंकी गतिविधियों के लिए उन्नाव शहर और औद्योगिक क्षेत्र का इलाका पनागाह साबित हो रहा है। कई बार शातिर अपराधी और आतंकी संगठनों से जुड़े कई शातिर गिरफ्तार होने के बाद भी पुलिस ने फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों और किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया। अपराधी गैर जिलों में वारदातों को अंजाम देने के बाद यहां ठिकाना बनाते हैं और अपने मंसूबों को अंजाम देते हैं।
कई बार सुर्खियों में आया उन्नाव
केस-एक
कानपुर व महाराष्ट्र पुलिस ने 12 जनवरी 2019 में शहर के ककरहा बाग मोहल्ले में रात एक घर में छापा मारकर तीन महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से भारी मात्रा संदिग्ध सामग्री और करेंसी बरामद की थी। यह पांचों लोग पिछले तीन महीने से यहां पांच हजार रुपये प्रति माह किराये पर मकान लेकर रह रहे थे।
केस-दो
शिवनगर से पकड़े थे शातिर चोर
छह जनवरी 2019 को शिवनगर से पुलिस ने कुछ चोरों को गिरफ्तार किया था। कानपुर से चोरी की घटना के बाद चोर शिवनगर में किराये के मकान में रहने के लिए आए थे। पूछताछ में उन्होंने चोरी की घटनाएं व चोरी के माल के बंटवारे में विवाद की बात कबूल की थी।