फोटो नंबर-17-शहर का गांधीनगर तिराहा। संवाद
उन्नाव। शहर में बेतरतीब चालक पर अंकुश लगाने के लिए महानगरों की तर्ज पर हाईटेक व्यवस्था के तहत काम शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में शहर के मुख्य गांधीनगर तिराहे को चिह्नित किया गया है। यहां तिराहे पर रोटरी (गोल चक्कर) बनाया जाएगा। चौड़ाई बढ़ाने और बूथ बनाने पर 1.77 करोड़ खर्च होंगे। उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
गांधीनगर तिराहा शहर का सबसे व्यस्ततम तिराहा है। उन्नाव-शुक्लागंज के साथ रायबरेली व लखनऊ से आने जाने वाले लोगों को इसी तिराहे से निकलना होता है। मुख्य प्रवेश द्वार होने के कारण यहां पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। इसलिए हादसे भी होते रहते हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने इस तिराहे का महानगरों की तर्ज पर बनाने पर काम शुरू किया था।
डीएम गौरांग राठी ने यूएसडीए को कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। यूएसडीए ने जो योजना तैयार की, उसमें यहां पर तिराहे को नया स्वरूप देकर गोल चक्कर बनाया जाएगा। शहर का यह पहला ऐसा स्थान होगा जहां से ट्रैफिक का नियंत्रण किया जाएगा। इसके लिए यहां ट्रैफिक बूथ भी बनेगा। अभी तक शहर में एक भी स्थान ऐसा नहीं है, जहां यह व्यवस्था हो। यूएसडीए ने जल्द इसका निर्माण शुरू कराएगा।
गांधी नगर तिराहे पर होने वाले तीन प्रमुख कार्य
रोटरी
रोटरी को गोल चौराहे के रूप में जाना जाता है। इसके बनने के बाद वाहन सवारों को चौराहे पर एक गोल चक्कर लगाना पड़ता है। इससे टकराव की संभावना कम हो जाती है और यातायात सुचारु रूप से चलता रहता है। इसके चारों ओर ग्रीन बेल्ट भी बनाई जाएगी। जिससे सुंदरता बढ़ जाएगी।
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मिडियन
मिडियन यानि तिराहे पर डिवाइडर का प्रस्तावित निर्माण है। इसके जरिए विपरीत दिशाओं से आने वाले यातायात को अलग किया जाएगा। इससे पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए एक सुरक्षित स्थान भी मिलेगा। इससे यातायात को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डीएम गौरांग राठी ने बताया कि तिराहे पर महानगरों की तर्ज पर विशेष कार्य कराए जाने हैं। इसके लिए सुंदरीकरण के कार्यों की शुरुआत कराई जा रही है। गोल चक्कर के साथ अन्य कार्य कराए जाएंगे। इससे यातायात को सुगम व सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।