गुडग़ांव दिल्ली से पैदल चलकर गदनखेड़ा चौराहा पर पहुंचे लोगों को बस में बैठलवाती पुलिस ।
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उन्नाव। दिल्ली, गुड़गांव समेत अन्य शहरों में नौकरी के लिए पहुंचे लोगों ने लॉकडाउन के बाद घर की ओर रुख किया। 30 मार्च को सीमाएं सील किए जाने के बाद पैदल निकलना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया। ऐसे में हर जिले की सीमा पर लगी पुलिस के हाथ-पैर जोड़कर लगभग 50 लोग गुड़गांव से उन्नाव तक लगभग 432 किमी का सफर पैदल तय कर बुधवार रात उन्नाव पहुंचे। बहराइच निवासी तीन चचेरे भाइयों को बुखार देख पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। तुरंत मेडिकल टीम बुला सभी का परीक्षण कराया और दवा दिलवाई। सभी को पुलिस ने क्वारंटीन करना चाहा पर लोगों के गिड़गिड़ाने पर मानवता दिखा बस की व्यवस्था कर सभी को गंतव्य के लिए रवाना किया।
बहराइच के अड़गुड़वा मोतीपुर निवासी तीन चचेरे भाई वीरेंद्र, राजकुमार व अजय गुड़गांव में टाइल्स लगाने का काम करते हैं। 30 मार्च को सीमाएं सील किए जाने के बाद इन्हें घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला। जिस पर सभी पैदल ही घर को निकल पड़े। रास्ते में अलग-अलग जिलों के लगभग 50 लोग इन्हें मिले। जगह-जगह पर पुलिस ने इन्हें रोका-टोका और वापस भेजने की पूरी कोशिश की पर सभी के हाथ-पैर जोड़ने पर पसीजी पुलिस ने उन्हें सीमा से निकाल दिया।
बुधवार रात अन्य लोगों के साथ तीनों चचेरे भाई उन्नाव के गदनखेड़ा चौराहा पहुंचे। यहां सीओ यादवेंद्र यादव, सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। बड़ी संख्या में पैदल लोगों को आता देख पुलिस ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा सभी को किनारे बैठाया और थर्मल स्कैनिंग से जांच की। चचेरे भाइयों को बुखार की समस्या होने पर मेडिकल टीम को बुलाकर जांच कराई और सभी से क्वारंटीन की बात कही। सभी ने घर जाने के लिए पुलिस ने मिन्नतें की तो मानवता दिखा पुलिस ने सभी को भोजन और दवा दिलवाने के बाद एआरटीओ अनिल कुमार त्रिपाठी की मदद से बस से सभी को गंतव्य तक रवाना किया।