विधानसभा चुनाव निष्पक्ष कराने के लिए पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के साथ ही सोशल मीडिया की भी निगरानी तेज कर दी है। चुनावी रैलियों पर बैन लगने के बाद नेता सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पैठ बना रहे हैं। नेताओं के साथ उनके कारखास भी सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में कोरोना काल में लगाई गईं बंदिशों के कारण नेता जनता के बीच जाकर चुनाव प्रचार और रैलियां नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में वह सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लोगों से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें किसी तरह का दुष्प्रचार न होने पाए, इसके लिए पुलिस हर एक नेता के सोशल अकाउंट पर नजर बनाए रखी है।
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सर्विलांस सेल के साथ साइबर सेल भी इन नेताओं पर नजर रखे हुए है कि किसी तरह की भड़काऊ पोस्ट तो नहीं डाली जा रही। एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि जो भी दुष्प्रचार कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा।
विधानसभा चुनाव निष्पक्ष कराने के लिए पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के साथ ही सोशल मीडिया की भी निगरानी तेज कर दी है। चुनावी रैलियों पर बैन लगने के बाद नेता सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पैठ बना रहे हैं। नेताओं के साथ उनके कारखास भी सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं।
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सभी नेता सोशल मीडिया पर पोस्टों के जरिये लोगों का समर्थन जुटा रहे हैं। इसे देखते हुए साइबर सेल व सर्विलांस टीमें सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्ट व टिप्पणियों पर बारीकी से नजर रख रहीं हैं। इसके अलावा व्हाट्स ऐप ग्रुपों की भी निगरानी की जा रही है। पूर्व के चुनावों में दुष्प्रचार करने वाले पुलिस की रडार पर हैं।