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पिटाई से घायल किसान की मौत, पुलिस तैनात

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सुशील की मौत के बाद गांव में तैनात पुलिस बल - फोटो : UNNAO
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चकलवंशी(उन्नाव)। माखी थाना क्षेत्र गिरवरखेड़ा में दो पक्षों में हुई मारपीट में घायल युवक की कानपुर हैलट में मौत हो गई। आक्रोश को देखते हुए रात में ही पुलिस अलर्ट हो गई। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। सदर विधायक ने परिजनों को जमीन का पट्टा व अन्य लाभ दिलाने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर कोहराम मच गया। पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने परियर घाट में शव का अंतिम संस्कार किया है।
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थाना क्षेत्र के ऐरा भदियार के मजरा गिरवरखेड़ा निवासी सुशील (33) पुत्र बाबू के घर 3 जून को गांव के सफीक ने 20 साथियों के साथ चढ़ाई कर डंडे व धारदार हथियार से हमला किया। मारपीट में सुशील के सिर में गंभीर चोटें आईं थी। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल से हैलट कानपुर रेफर किया गया था। शनिवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुशील की मौत की खबर गांव पहुंचते ही आक्रोश पनप उठा। कोई बड़ी घटना होती इससे पहले पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देश पर माखी थाना का पुलिस बल गांव पहुंच गया। पुलिस की महिला व पुरुष कमांडो फोर्स भी रविवार सुबह गांव में तैनात हो गई।
घटना की जानकारी पर सदर विधायक पंकज गुप्ता मृतक के घर पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दिला परिजनों को जमीन का पट्टा, पारिवारिक लाभ, आवास व एससी एसटी एक्ट के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता शीघ्र दिलवाने का भरोसा दिलाया। मारपीट के बाद मृतक के वृद्ध पिता बाबू ने पुलिस को तहरीर देकर थाना गांव के मोहम्मद शफीक, इकबाल, आफताब समेत 15 अज्ञात लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। बताया था कि आरोपी शफीक लकड़ी व्यापारी है। उसने घर के पास खडे़ यूकेलिप्टस के पेड़ 10 हजार रुपये में खरीदा था। गुरुवार 3 जून को लगभग 8 बजे शफीक अपने बीस साथियों के साथ उसके घर पहुंचा और 10 हजार की जगह बिक्री किए गए पेड़ों के 8 हजार रुपये दिए। बेटे सुशील के विरोध करने और दो हजार रुपये की और मांग करने पर शफीक ने साथियों के साथ उस पर हमला कर दिया था। सुशील को बचाने में भतीजा मनोज, विनोद, बीनू व पत्नी कमला भी घायल हो गई थी।
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पिता के अनुसार सुशील की कानपुर के हैलट में मौत हो गई। जबकि भतीजा मनोज अभी भी हैलट अस्पताल में गंभीर है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मोहम्मद शफीक, इकबाल व आफताब समेत 15 लोगों पर बलवा मारपीट व एससी एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। सुशील की मौत होने पर पुलिस ने हत्या की धारा में मामला तरमीम किया है।
छोटे भाई की भी हो चुकी है हत्या
मृतक सुशील के पिता ने बताया कि उसका छोटा लड़का इंद्रेश दिल्ली में रहकर एक फैक्टरी में नौकरी करता था। दो वर्ष पूर्व दिल्ली में उसकी हत्या कर दी गई थी। बहू गुड़िया और एक पौत्र साहिल की वह जिम्मेदारी संभाल रहा था। अब मंझले बेटे सुशील की मौत के बाद उसकी पत्नी व बच्चों की भी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई है।
शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद सुशील का शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। शव देख वृद्ध मां कमला, पत्नी सुनीता व तीन बच्चों में रोहित (16), अंजली (12) व राहुल (8) बेहाल हो गए। मृतक सुशील तीन भाई हरिपाल, सुशील व इंद्रेश में दूसरे नंबर का था। चार बहनों की शादी हो चुकी है।
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