उन्नाव कांडः शुक्रवार सुबह बबुरहा गांव में गश्त करती पुलिस फोर्स। संवाद
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उन्नाव। किशोरियों के शव गुरुवार रात घर पहुंचे थे। पुलिस और प्रशासन ने परिजनों से अंतिम संस्कार की बात कही तो उन्हाेंने सूरत और मुंबई में रहकर नौकरी करने वाले एक किशोरी को दो भाई के आने पर ही अंतिम संस्कार की बात कही थी। इस पर अधिकारी लौट गए। शुक्रवार सुबह अधिकारियों ने परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए तैयार कर लिया। दोनों के शव दफनाएं जाने के बाद परिजन बार-बार यहीं कहते रहे कि दोनों भाई अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए।
शव उठे तो मचा कोहराम, सिसक उठे ग्रामीण
शवों को अंतिम संस्कार के लिए उठाते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। माता-पिता के साथ परिवार के अन्य लोग बदहवास हो गए। चीख-पुकार के बीच मौजूद ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गई। सिसकियों के बीच दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
तीन जिलों की पुलिस, सहमे रहे लोग
बवाल और हंगामे की संभावना पर पर कमिश्नर व आईजी ने रात से ही पुलिस का कड़ा पहरा गांव में लगा दिया था। जिले के अलावा लखनऊ और रायबरेली का भी फोर्स बुला लिया गया। गांव को आने वाले हर मार्ग, गली, नुक्कड़ पर पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया गया। पुलिस की अलग-अलग टोलियां गांव में गश्त करती रहीं। गांव के मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग पर भी पुलिस बल तैनात रहा।