उन्नाव कांडः असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में घटना स्थल पर जांच करती लखनऊ की एफएसएल टीम। संव
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उन्नाव/असोहा। असोहा के बबुरहा गांव में अफसरों ने भीड़ जुटने की आशंका देख सुबह ही बुआ-भतीजी के शवों का अंतिम संस्कार करा दिया। इस दौरान ग्रामीणों में घटना को लेकर गम और गुस्सा भी दिखा। जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम ने अंतिम संस्कार के बाद घटना स्थल पहुंचकर घटना का सीन दोहराया। इस दौरान मिली जानकारी पर गांव की एक दुकान से नमकीन के पैकेट जांच के लिए जब्त किए। सपाइयों ने गांव के बाहर धरना दिया।
बुआ-भतीजी के शवों का अंतिम संस्कार कराने के लिए कमिश्नर रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह शुक्रवार सुबह सात बजे ही डीएम रवींद्र कुमार और एसपी आनंद कुलकर्णी के साथ बबुरहा गांव पहुंच गए। निवर्तमान प्रधान के पति धर्मेंद्र त्रिपाठी के साथ परिजनों से बात कर जल्द दोनों का अंतिम संस्कार कराने को तैयार किया। परिजनों के मानने पर एडीएम राकेश सिंह व एएसपी वीके पांडेय सुबह 8:55 बजे एक किशोरी के शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए खेत पहुंचे। 20 मिनट बाद दूसरी किशोरी का शव भी लाया गया। दोनों के शव उन्हीं के खेत में अगल-अलग गड्ढों में दफनाए गए। शव का अंतिम संस्कर करते समय एक किशोरी के पिता की तबीयत बिगड़ गई। वह गश खाकर गिरा तो मेडिकल टीम ने उसे सीएचसी पहुंचाया। एक घंटे बाद राहत मिलने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
राजनीतिक दलों के पहुंचने से पहले ही दोनों शव का अंतिम संस्कार कराने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। एहतियात को तौर पर प्रशासन ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। उधर, लखनऊ की एफएसएल ने दोनों किशोरियों की हत्या की घटना का सीन दोहराया। तफ्तीश के दौरान खेत जाने से पहले किशोरियों द्वारा गांव की एक दुकान से नमकीन (टेढ़े-मेढ़े) का पैकेट खरीदने की जानकारी मिलने पर टीम दुकान पहुंची और बाकी बचे पैकेट जांच के लिए कब्जे में लिए।