गंजमुराबाद कस्बे में सब्जी विक्रेता।
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गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। बरसात का मौसम शुरू होते ही हरी सब्जियां दागी हो गई हैं। दागी हो जाने से हरी सब्जियों की आमद काफ ी कम होने से दामों में भारी उछाल आ गया है। सब्जियों के राजा आलू के भाव भी आसमान छू रहे हैं।
लॉकडाउन के कारण हरी सब्जियां की डोर-टू-डोर आपूर्ति की जा रही थी। जिनके शुल्क प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए थे लेकिन धीरे-धीरे यह आपूर्ति बंद हो गई। उस समय हरी सब्जियाें में कद्दू, करेला, भिंडी, तरोई मात्र 5 रुपये प्रति किलो के दामों में बिकने लगी थी। लौकी तो 2 से 3 रुपये में बिक रही थीं। टमाटर 10 रुपये के आसपास बिक रहा था। इधर, बरसात का मौसम आरंभ होते ही ये हरी सब्जियां दागी हो गई हैं। दागी हो जाने के कारण हरी सब्जियों का टोटा हो गया है और मंडी में इनकी आमद काफ ी कम हो गई है। जिससे ये हरी सब्जियां दो से तीन गुना दामों में बिक रही हैं। यहां तक कि आलू का भाव भी काफ ी बढ़ गया है। मौजूदा समय में 30 रुपये प्रति किग्रा के दामों में आलू बिक रही है। टमाटर तो इतना लाल हो गया है कि उसकी कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलो के दाम पर पहुंच गई है। हरी सब्जियों का टोटा होने पर आम लोग सस्ते आलू से किसी प्रकार काम चला लेते थे लेकिन उसके भी दाम बढ़ जाने से अब आम लोगों की थाली से हरी सब्जियां दूर होने लगी हैं।