फोटो-11- पुरुष अस्पताल में स्टॉफ नर्सों से जानकारी लेते टीम के सदस्य। संवाद
उन्नाव। शनिवार को पियर असेसमेंट की दो टीमों ने जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण कायाकल्प योजना के तहत किया गया। टीमों ने ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, वार्ड और ओपीडी की व्यवस्थाएं देखीं।
कायाकल्प योजना सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और उपचार की गुणवत्ता की समीक्षा करती है। अच्छा प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों को विशेष बजट मिलता है। जिला अस्पताल में डॉ. अविनाश यादव और डॉ. नीरज सचान की टीम दोपहर करीब 12 बजे पहुंची। टीम ने ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. अनुराग सेंगर से ब्लड डोनेशन और प्रिजर्वेशन की जानकारी ली। आईसीयू वार्ड में डॉक्टरों को मरीजों का ब्योरा बेहतर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। लैब में कर्मियों को ग्लव्स पहनकर जांच करने की हिदायत दी। गैलरी में मरीजों के लिए बेंच लगवाने को कहा। इमरजेंसी में ऑक्सीजन फ्लोमीटर लगाने के निर्देश भी दिए गए।
करीब तीन बजे डॉ. सलमान और डॉ. जीशान की टीम महिला जिला अस्पताल पहुंची। इस टीम ने लैब और वार्डों की व्यवस्थाएं जांचें। उन्होंने जिम्मेदारों को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। इस दौरान डॉ. तौसीफ, डॉ. राजीव, दिनेश और निर्मेश भी उपस्थित रहे।
टीम आने से पहले दुरुस्त हुईं व्यवस्थाएं
टीम के आने की जानकारी होने के कारण अस्पताल की व्यवस्था शनिवार को पूरी तरह दुरुस्त रहीं। शुक्रवार देर रात तक कर्मी अस्पताल की व्यवस्थाओं को ठीक करने में जुटे रहे। यह सिलसिला टीम के आने तक चलता रहा। इस दौरान स्ट्रेचर पर चादर, फ्लोमीटर जैसी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाती रहीं।
वर्जन...
कायाकल्प टीम के मुख्य निरीक्षण से पहले पियर टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाएं जांची हैं। टीम ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया है। व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाएगा, जिससे कायाकल्प का पुरस्कार मिले और मरीजों की सुविधाएं और बेहतर की जा सकें। -डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस।