उन्नाव/सोनिक। दुष्कर्म पीड़िता की मां पर आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने अभद्र टिप्पणी की थी। इसकी प्राथमिकी दर्ज न होने से नाराज दंपती शनिवार को परिवार सहित मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जा रहा था। सूचना पर पुलिस ने हाईवे पर रोक लिया। पीड़ित की ओर से लगाए जा रहे आरोप के आधार पर दोनों आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर एफआईआर कॉपी दी। इसके बादआरोपी की गिरफ्तारी पर अड़ गए। एएसपी उत्तरी ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उन्हें घर भेजा।
सदर कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी युवती की वर्ष 2021 में पूर्व मंत्री के बेटों ने दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। आरोपियों को जेल भेजा गया था। अब आरोपी जमानत पर बाहर हैं। मृतका के पिता ने बताया कि परिवार की सुरक्षा कम कर दी गई थी। डीएम कार्यालय पर बेटी के धरने के बाद सुरक्षा वापस बढ़ाई गई थी। परिवार का आरोप है कि करीब एक सप्ताह से आजाद समाज पार्टी लखनऊ मंडल के पदाधिकारी अरविंद राजवंशी और अखिलेश पासवान फेसबुक आईडी से उसकी पत्नी के खिलाफ गलत तथ्यों के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे थे। इनमें पत्नी को पागल, मनुवादी, ठग और शराब की लती बताकर छवि धूमिल की जा रही है।
13 अक्तूबर को सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि शुक्रवार की रात 12 बजे तक पीड़ित परिवार को ही कोतवाली में बैठाए रखा और उसके बाद घर भेजा गया। पीड़ित ने बताया कि शनिवार भोर करीब पांच बजे वह पत्नी और दो बच्चों के साथ मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने निकले थे। दही थाने के पास पुलिस ने ऑटो को रोक लिया। अजगैन पुलिस और सदर कोतवाल भी पहुंच गए। सदर कोतवाल ने एफआईआर कॉपी दी जिसमें रात चार बजे प्राथमिकी दर्ज दिखाई गई। इसके बाद पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गया। इसकी जानकारी पर एएसपी उत्तरी आयुष श्रीवास्तव पहुंचे। उन्होंने दंपती से बात कर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर सभी को घर भेज दिया।
कोतवाल चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि उनकी कुछ मांगें थीं उसी को लेकर वह सीएम से मिलने जा रहे थे। बाद में समझाने पर मान गए।
यह अभी आरोप
मृतक के पिता ने आरोप लगाए की बेटी की हत्या के समय आश्वासन दिया गया था कि 25 लाख रुपये की मदद की जाएगी। लड़के को सरकारी नौकरी मिलेगी। आवास भी दिया जाएगा। इसका डीएम ने लिखित आश्वासन दिया था। इसके बाद भी अब तक इसमें कुछ नहीं हुआ। हम लोगों का घर भी गिर गया है। दोबारा डीएम से मिलकर इसकी जानकारी दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।