फोटो-10- सीएचसी के बेड पर भाई विवेक व साथ में लेटा बच्चा अयांश। संवाद
सफीपुर (उन्नाव)। कोतवाली क्षेत्र के परियर मार्ग पर शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे ऑटो की टक्कर से बाइक सवार ममेरे भाई-बहन घायल हो गए। हादसे में 30 वर्षीय सलोनी की मौत हो गई, जबकि ममेरे भाई विवेक (20) की हालत गंभीर है। पुलिस टक्कर मारने वाले ऑटो की तलाश कर रही है।
हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र सरैय्या गांव की सलोनी 27 अगस्त को रक्षा बंधन पर मायके फतेहपुर के रूपपुर चंदेला गांव आई थी। पिता रामनरेश ने बताया कि शुक्रवार को दामाद आशीष उन्नाव आए थे। आशीष ने सलोनी को सफीपुर बस स्टॉप पहुंचने के लिए कहा जिससे वह साथ ससुराल जा सकें। ममेरा भाई विवेक उसे बाइक से बस स्टॉप छोड़ने जा रहा था। परियर मार्ग पर सकहन राजपुतान गांव के पास सामने से आ रहे ऑटो ने बाइक में टक्कर मार दी। राहगीरों ने घायल भाई-बहन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने सलोनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि विवेक का उपचार चल रहा है। हादसे के दौरान सलोनी का एक साल का बेटा अयांश गोद में था, जो बाल-बाल बच गया। सलोनी की मौत से पति आशीष, मां विमला देवी और भाई सुजीत व अजीत समेत परिजन बेहाल हैं। कोतवाल संदीप मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने सलोनी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस टक्कर मारने वाले ऑटो का पता लगाने में जुटी हुई है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्रोतों से जानकारी जुटाई जा रही है।
बच्चे को बचाने के लिए मां ने दी जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद सलोनी काफी दूर तक सड़क पर घिसटती चली गई लेकिन उसने गोद में दबे एक साल के बेटे अयांश को नहीं छोड़ा। बच्चे को न तो कोई खरोंच आई और न ही वह मां की गोद से छूटा। सलोनी ने बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी।
पति बस स्टॉप पर करता रहा इंतजार
हरदोई के सरैय्या निवासी आशीष पत्नी सलोनी का सफीपुर बस स्टॉप पर इंतजार कर रहे थे। उन्होंने सलोनी को फोन पर उन्नाव आने की सूचना दी थी। सलोनी ने साथ ससुराल चलने की जिद की। इस पर आशीष ने उसे बस स्टॉप पहुंचने के लिए कहा। आशीष बस स्टॉप पर पत्नी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। तभी उन्हें जीवन साथी की मौत की दुखद खबर मिली। इससे आशीष गहरे सदमे में आ गए।
फोटो-10- सीएचसी के बेड पर भाई विवेक व साथ में लेटा बच्चा अयांश। संवाद
फोटो-10- सीएचसी के बेड पर भाई विवेक व साथ में लेटा बच्चा अयांश। संवाद