उन्नाव। अधिकारी जनता की शिकायतों के निस्तारण में खानापूर्ति कर रहे हैं। इसी कारण फरियादियों को न्याय नहीं मिल रहा है। आईजीआरएस पोर्टल व सीएम पोर्टल पर एक से 12 अगस्त के बीच आईं 541 शिकायतों के निस्तारण का जब शासन से फीडबैक लिया गया तो उसमें 201 फरियादी असंतुष्ट मिले। डीएम ने गंभीरता से लेते हुए 24 अधिकारियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
एक अगस्त से 12 अगस्त के बीच आईजीआरएस व सीएम पोर्टल पर आई 541 शिकायतों के निस्तारण का फीडबैक लिया गया। इसमें 210 फरियादियों ने निस्तारण पर असंतुष्टि जताई। 343 शिकायतों के निस्तारण में फरियादियों ने संतुष्टि जताई। जिन अधिकारियों के निस्तारण पर असंतुष्टि है उसमें अधीक्षण अभियंता विद्युत, एक्सईएन बिजली प्रथम व द्वितीय, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायतराज अधिकारी, एलडीएम बैंक, एआरटीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास पुष्टाहार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, जिला कमांडेंट होमगार्ड, एआरएम रोडवेज, जिला क्रीड़ा अधिकारी, उपायुक्त वाणिज्य कर, एक्सईएन उप्र आवास एवं विकास परिषद, उप निदेशक (निर्माण) उप्र राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, सीएमएस महिला, एक्सईएन आरईएस व उपायुक्त मनरेगा आदि शामिल हैं। इस आधार पर इनका वेतन रोककर डीएम ने जवाब तलब किया है।
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12 अधिकारियों से सभी फरियादी असंतुष्ट
24 अधिकारियों में 12 ऐसे विभागों के अफसर रहे, जिनसे सभी शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहे। इनमें अधीक्षण अभियंता विद्युत की सात, सीवीओ की पांच के साथ डिप्टी आरएमओ, एक्सईएन विद्युत द्वितीय, होमगार्ड कमांडेंट की दो-दो और जिला क्रीड़ा अधिकारी, वाणिज्य कर, सीएमएस महिला, आरईएस व आवास विकास परिषद एक्सईएन की एक-एक शिकायतें शामिल रहीं। ये अधिकारी कम शिकायतों के बाद भी फरियादियों को निस्तारण में संतुष्ट नहीं कर सके। इसी कारण असंतुष्टि 100 फीसदी रही।
सभी अधिकारियों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। साथ ही सभी शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिम्मेदारों का एक सप्ताह में संतोषजनक नहीं मिलेगा तो आगे की कार्रवाई कराई जाएगी। -घनश्याम मीना, डीएम।