हसनगंज। मियागंज में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डायग्नोस्टिक सेंटर का पंजीकरण कराने के मामले में संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। यह कार्रवाई नोडल अधिकारी की तहरीर पर की गई।
डायग्नोस्टिक सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष मिश्रा ने बुधवार देर शाम कोतवाली में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि ऊंचगांव निवासी राजविजय सिंह ने मियागंज में भव्या डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से नवीन पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ लगाए गए दस्तावेजों में एमबीबीएस व डीएमआरडी की डिग्री संलग्न की गई थी। संदेह होने पर शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल से कराया गया। जिसमें दस्तावेज फर्जी पाए गए।
कोतवाल शरद कुमार ने बताया कि नोडल अधिकारी की तहरीर के आधार पर राजविजय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।